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चौदह वर्ष के बनवास पर गए भगवान राम, अयोध्यावासियों की नम हुई आंखें
Updated Wed, 27 Sep 2017 10:23 PM IST
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गोपेश्वर। कर्मचारी रामलीला कमेटी की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में चल रही रामलीला में छठवें दिन के मंचन में कैकेई ने राम को चौदह वर्ष का वनवास और भरत के लिए राजगद्दी मांगी।
मंचन में राजा दशरथ ने राम को राजगद्दी सौंपने का निर्णय लिया तो मंथरा इससे विचलित हो उठीं। मंथरा ने कैकेयी को यह बात बताई और राजा दशरथ से भरत को राजा बनाने की बात करने को कहा। तब कैकेयी राजा दशरथ से राम को वनवास और भरत को राजगद्दी देने का वरदान मांगती हैं। यह सुन राजा दशरथ वचनबद्ध होकर कैकेई की बात स्वीकार लेते हैं और दुखी होकर शय्या पर लेट जाते हैं। वहीं, राम भ्राता लक्ष्मण और सीता के साथ वन के लिए प्रस्थान करते हैं। राम के वन प्रस्थान के दौरान अयोध्यावासियों की आंखें नम हो जाती हैं। इस मौके पर अनिल किशोर नेगी, हर्षपति चमोली, चंद्रमोहन सिरसवाल, राकेश पंवार, भरत सिंह राणा, अब्बल सिंह खत्री, मोहन जोशी, गोविंद प्रसाद डंगवाल आदि मौजूद थे।
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