{"_id":"59c937584f1c1bb6538b45c2","slug":"15063591688-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोलाडुंग्री के ग्रामीणों ने तहसील में किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोलाडुंग्री के ग्रामीणों ने तहसील में किया प्रदर्शन
Updated Mon, 25 Sep 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्णप्रयाग। नगर पालिका कर्णप्रयाग में शामिल करने की खबर से नाराज ब्लाक के कोलाडुंग्री, सुमल्टा के ग्रामीणों में तहसील मुख्यालय पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नगर पालिका में शामिल न किए जाने की मांग की।
सोमवार सुबह जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जोशी और ग्राम प्रधान सरोजनी रावत के नेतृत्व में कोलाडुंग्री और सुमल्टा के ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां तहसील परिसर में एकत्र हुए ग्रामीणों ने करीब आधा घंटे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि कोलाडुंग्री ग्राम पंचायत की भौगोलिक परिस्थिति नगरीय नहीं है। असुविधाओं का दंश झेल रही ग्राम पंचायत को पालिका में शामिल होने से ग्रामीणों पर जहां अतिरिक्त करों का बोझ पड़ेगा। वहीं ग्रामीणों को मनरेगा सहित अन्य स्वरोजगार योजनाओं से भी वंचित होना पड़ेगा। यही नहीं ग्रामीणों का अपने गोचर, पनघट सहित सिविल भूमि से भी अधिकार समाप्त हो जाएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कोलाडुंग्री ग्राम पंचायत को जबरन पालिका में शामिल किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। बाद में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी केएन गोस्वामी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन करने वालों में सरिता देवी, कांता प्रसाद, रामेश्वरी देवी, लखमा देवी, कांता प्रसाद, अनीता देवी, कमला देवी सहित कई लोग शामिल थे।
विज्ञापन
सोमवार सुबह जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जोशी और ग्राम प्रधान सरोजनी रावत के नेतृत्व में कोलाडुंग्री और सुमल्टा के ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां तहसील परिसर में एकत्र हुए ग्रामीणों ने करीब आधा घंटे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि कोलाडुंग्री ग्राम पंचायत की भौगोलिक परिस्थिति नगरीय नहीं है। असुविधाओं का दंश झेल रही ग्राम पंचायत को पालिका में शामिल होने से ग्रामीणों पर जहां अतिरिक्त करों का बोझ पड़ेगा। वहीं ग्रामीणों को मनरेगा सहित अन्य स्वरोजगार योजनाओं से भी वंचित होना पड़ेगा। यही नहीं ग्रामीणों का अपने गोचर, पनघट सहित सिविल भूमि से भी अधिकार समाप्त हो जाएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कोलाडुंग्री ग्राम पंचायत को जबरन पालिका में शामिल किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। बाद में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी केएन गोस्वामी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन करने वालों में सरिता देवी, कांता प्रसाद, रामेश्वरी देवी, लखमा देवी, कांता प्रसाद, अनीता देवी, कमला देवी सहित कई लोग शामिल थे।
विज्ञापन