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स्थापना के बाद से साधनों की कमी से जूझ रहा पालीटेक्निक ढाक
Updated Sat, 23 Sep 2017 10:40 PM IST
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गोपेश्वर। जोशीमठ के तपोवन क्षेत्र में वर्ष 2013-14 में स्थापित राजकीय पालीटेक्निक ढाक आज भी संसाधनों की कमी झेल रहा है। यही वजह है कि संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं सिविल और मेकेनिकल ट्रेडों में दाखिला तो पालीटेक्निक ढाक में ले रहे हैं और पढ़ाई करने के लिए श्रीनगर में जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा के विस्तार के लिए वर्ष 2013 में प्रदेश सरकार ने ढाक गांव में राजकीय पालीटेक्निक की स्थापना की। यहां सिविल और मेकेनिकल ट्रेडों का संचालन भी शुरू हुआ। संस्थान के भवन के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने अपनी निजी भूमि भी दान दी। तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही कंपनी एनटीपीसी ने विद्यालय भवन निर्माण के लिए सरकार को वर्ष 2013 में 17 करोड़ 50 लाख की धनराशि भी दी, लेकिन आजतक भवन निर्माण शुरू नहीं हुआ। संस्थान में प्राचार्य, प्रवक्ता और प्रशासनिक कर्मचारियों के 17 पद सृजित हैं, लेकिन मौजूदा समय में यहां प्रवक्ताओं की कमी बनी हुई है। पर्वतीय शिल्पकार कल्याण सभा के अध्यक्ष मोहन लाल बजवाल और सभा के सचिव पुष्कर सूरी ने शीघ्र संस्थान में प्रवक्ताओं की तैनाती और भवन निर्माण की मांग उठाई है।
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