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..उफल्डा के ग्रामीणों का जुलूस-प्रदर्शन
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:47 PM IST
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श्रीनगर। नगर पालिका श्रीनगर मेें शामिल किए जाने के विरोध में विकास खंड पौड़ी की ग्राम पंचायत उफल्डा के ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं के साथ जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। तहसील कार्यालय श्रीनगर में नारेबाजी के बाद उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
बृहस्पतिवार को उफल्डा के लोगों ने गांव से तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने उफल्डा को नगर पालिका में शामिल किए जाने के शासन के निर्णय की खिलाफत करते हुए नारेबाजी की। तहसील परिसर में पहुंचने पर सभा आयोजित की गई। इस मौके पर कहा गया कि गत 17 सितंबर को ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित कर साफ कर दिया गया था, कि ग्राम पंचायत उफल्डा नगर पालिका में शामिल नहीं होना चाहती है। पूर्व में भी इस संबंध में कई बार पत्राचार हो चुका है। वक्ताओं ने कहा कि साजिश के तहत कैबिनेट में प्रस्ताव कर ग्राम पंचायत उफल्डा को नगर पालिका में शामिल करने का दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत उफल्डा में नगर पालिका के समान सभी सुख-सुविधाएं हैं। इसलिए उफल्डा को नगर पालिका में शामिल न किया जाए। प्रदर्शन में ग्राम प्रधान उम्मेद सिंह, पूर्व प्रधान रमेश रावत, गुमान नेगी, बलवीर, आनंद भट्ट, मधु देवी, लक्ष्मी, सुषमा, पार्वती और कुशाल रावत आदि शामिल थे।
बृहस्पतिवार को उफल्डा के लोगों ने गांव से तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने उफल्डा को नगर पालिका में शामिल किए जाने के शासन के निर्णय की खिलाफत करते हुए नारेबाजी की। तहसील परिसर में पहुंचने पर सभा आयोजित की गई। इस मौके पर कहा गया कि गत 17 सितंबर को ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित कर साफ कर दिया गया था, कि ग्राम पंचायत उफल्डा नगर पालिका में शामिल नहीं होना चाहती है। पूर्व में भी इस संबंध में कई बार पत्राचार हो चुका है। वक्ताओं ने कहा कि साजिश के तहत कैबिनेट में प्रस्ताव कर ग्राम पंचायत उफल्डा को नगर पालिका में शामिल करने का दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत उफल्डा में नगर पालिका के समान सभी सुख-सुविधाएं हैं। इसलिए उफल्डा को नगर पालिका में शामिल न किया जाए। प्रदर्शन में ग्राम प्रधान उम्मेद सिंह, पूर्व प्रधान रमेश रावत, गुमान नेगी, बलवीर, आनंद भट्ट, मधु देवी, लक्ष्मी, सुषमा, पार्वती और कुशाल रावत आदि शामिल थे।
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