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तोल्यूं गांव की महिलाएं दिन-रात कर रही पहरेदारी
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:55 PM IST
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श्रीनगर। शहर से सटी ग्राम पंचायत श्रीकोट गंगानाली के तोल्यूं गांव की महिलाएं दिन-रात कूड़ा फेंकने वालों की निगरानी कर रही हैं। महिलाएं गांव के नीचे बदरीनाथ नेशनल हाईवे के किनारे कूड़ा फेंकने वालों को दौड़ा रही है।
शहर का रुप ले चुके श्रीकोट गंगानाली में कूड़ा निस्तारण सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। यहां दर्जनों व्यापारिक प्रतिष्ठान सहित हजारों आवासीय भवनों का निर्माण हो चुका है। श्रीकोट की आबादी 20 हजार को पार कर चुकी है। यहां के निवासी हो या व्यापारी सभी कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने के चलते वीरान पड़े स्थानों और गदेरों में कूड़ा फेंक देते हैं। सबसे अधिक समस्या श्रीकोट के तोल्यू गांव के नीचे गदेरे में हैं। यहां लगभग श्रीकोट के आधे हिस्से के लोग कूड़ा फेंक देते हैं। जिला पंचायत की ओर से व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सफाई के लिए रखे मजदूर भी कूड़ा यहीं डालते हैं। इससे परेशान महिलाएं अब इस स्थान पर चौकीदारी कर रही हैं। महिलाएं रात 10 बजे तक गदेरे के समीप राजमार्ग पर खड़ी रहकर कूड़ा फेंकने वालों को दौड़ा रही हैं। पिछले कुछ दिनों से महिलाओं के डर से यहां कूड़ा फेंकने वालों की संख्या में कमी आई है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। स्थानीय सुनीता गैरोला, सुधा थपलियाल, देवेश्वरी बिष्ट, अंजू, कुसुम खंडूड़ी और पूनम रावत का कहना है कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते है।
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कूड़े को गदेरे में फेंकने से रोका जाएगा। श्रीकोट में पर्याप्त सफाई रहे, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। - सुनील राज, तहसीलदार श्रीनगर
शहर का रुप ले चुके श्रीकोट गंगानाली में कूड़ा निस्तारण सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। यहां दर्जनों व्यापारिक प्रतिष्ठान सहित हजारों आवासीय भवनों का निर्माण हो चुका है। श्रीकोट की आबादी 20 हजार को पार कर चुकी है। यहां के निवासी हो या व्यापारी सभी कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने के चलते वीरान पड़े स्थानों और गदेरों में कूड़ा फेंक देते हैं। सबसे अधिक समस्या श्रीकोट के तोल्यू गांव के नीचे गदेरे में हैं। यहां लगभग श्रीकोट के आधे हिस्से के लोग कूड़ा फेंक देते हैं। जिला पंचायत की ओर से व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सफाई के लिए रखे मजदूर भी कूड़ा यहीं डालते हैं। इससे परेशान महिलाएं अब इस स्थान पर चौकीदारी कर रही हैं। महिलाएं रात 10 बजे तक गदेरे के समीप राजमार्ग पर खड़ी रहकर कूड़ा फेंकने वालों को दौड़ा रही हैं। पिछले कुछ दिनों से महिलाओं के डर से यहां कूड़ा फेंकने वालों की संख्या में कमी आई है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। स्थानीय सुनीता गैरोला, सुधा थपलियाल, देवेश्वरी बिष्ट, अंजू, कुसुम खंडूड़ी और पूनम रावत का कहना है कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते है।
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कूड़े को गदेरे में फेंकने से रोका जाएगा। श्रीकोट में पर्याप्त सफाई रहे, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। - सुनील राज, तहसीलदार श्रीनगर