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रुक नहीं रही टूटे पुल से भारी वाहनों की आवाजाही
Updated Wed, 20 Sep 2017 09:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
हरिद्वार- नजीबाबाद राजमार्ग पर कोटा वाली नदी के पास आवाजाही बंद होने के बाद भी भारी वाहन गुजर रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
हरिद्वार- नजीबाबाद मार्ग पर उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के बॉर्डर के बीच में पड़ने वाला कोटावाली नदी का पुल तीन अगस्त को हुई भारी बरसात से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिस पर रूट डायवर्ट किया गया। भारी वाहन और रोडवेज की बसें रुड़की और मुजफ्फरनगर से मीरापुर, बिजनौर होते हुए नजीबाबाद तथा मुरादाबाद, बरेली तथा रुद्रपुर भेजी जा रही हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की ओर से पुल को सही करने के लिए अब तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में सरकारी रोडवेज कई किमी दूरी तय कर रुड़की मुजफ्फरनगर होते हुए बाया बिजनौर होकर जा रही हैं। डीएम दीपक रावत ने भारी वाहनों व रोडवेज की बसों को कोटावाली नदी के पुल के पास से नदी में अस्थायी रपटा बनाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक नरेंद्र सिंह को कहा गया था, लेकिन एक दिन के बाद काम बंद कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर स्थिति यह है कि क्षतिग्रस्त पुल से भी भारी वाहन अनाधिकृत रूप से गुजारे जा रहे हैं। ऐसे में हादसा कभी भी हो सकता है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रबंध नरेंद्र सिंह का कहना है कि पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही दोनों ओर से बंद की हुई है। पुल को सही करने के लिए जल्दी निर्माण चालू कर दिया जाएगा।
श्यामपुर।
हरिद्वार- नजीबाबाद राजमार्ग पर कोटा वाली नदी के पास आवाजाही बंद होने के बाद भी भारी वाहन गुजर रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
हरिद्वार- नजीबाबाद मार्ग पर उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के बॉर्डर के बीच में पड़ने वाला कोटावाली नदी का पुल तीन अगस्त को हुई भारी बरसात से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिस पर रूट डायवर्ट किया गया। भारी वाहन और रोडवेज की बसें रुड़की और मुजफ्फरनगर से मीरापुर, बिजनौर होते हुए नजीबाबाद तथा मुरादाबाद, बरेली तथा रुद्रपुर भेजी जा रही हैं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की ओर से पुल को सही करने के लिए अब तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में सरकारी रोडवेज कई किमी दूरी तय कर रुड़की मुजफ्फरनगर होते हुए बाया बिजनौर होकर जा रही हैं। डीएम दीपक रावत ने भारी वाहनों व रोडवेज की बसों को कोटावाली नदी के पुल के पास से नदी में अस्थायी रपटा बनाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक नरेंद्र सिंह को कहा गया था, लेकिन एक दिन के बाद काम बंद कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर स्थिति यह है कि क्षतिग्रस्त पुल से भी भारी वाहन अनाधिकृत रूप से गुजारे जा रहे हैं। ऐसे में हादसा कभी भी हो सकता है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रबंध नरेंद्र सिंह का कहना है कि पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही दोनों ओर से बंद की हुई है। पुल को सही करने के लिए जल्दी निर्माण चालू कर दिया जाएगा।