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पुण्य तिथि पर याद किए गए स्वामी देंवेंद्र स्वरूप
Updated Fri, 08 Sep 2017 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जयराम आश्रम के ब्रह्मलीन परमाध्यक्ष स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की तेरहवीं पुण्यतिथि पर जयराम आश्रम में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर जूना अखाड़े के अध्यक्ष आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि विश्व को रोशनी दिखाने का काम भारत के संत करेंगे। उन्होंने अन्न, अक्षर एवं औषधि के क्षेत्र में समाज सेवा के लिए देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की सेवाओं को सराहा।
जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वामी देवेंद्र स्वरूप तप, स्वाध्याय एवं सेवा की प्रतिमूर्र्ति थे। कहा कि वृद्धों की उपेक्षा को देखते हुए संस्था की ओर से एक विशाल आश्रम बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बेटी बचाओ की जरूरत को सर्वकालिक बताते हुए गाय, गंगा, गौरी के संरक्षण के गुरु के मार्ग पर संस्था को लेकर चलने का संकल्प जताया। महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि योग्य गुरु को ही सुयोग्य शिष्य की प्राप्ति होती है।
संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने समाज निर्माण में जयराम आश्रम के भूमिका की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर स्वामी ऋषिश्वरानंद, सतपाल ब्रह्मचारी, डा. श्यामसुंदर दास शास्त्री, स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती, स्वामी हरिचेतनानंद, श्याम किशोर शुक्ला, अंबरीष कुमार, विजय सारस्वत, विनय सारस्वत, पुरुषोत्तम शर्मा, महंत कमल दास, महंत ललितानंद गिरि जी, स्वामी नचिकेता, शिवशंकर गिरि, महंत मोहनदास, स्वामी जगदीशानंद, स्वामी कृष्णानंद, महंत भगवान दास, महंत गंगादास, स्वामी चिद्धिलासानंद, महंत जगजीत सिंह, स्वामी रामेश्वरानंद, संस्था के ट्रस्टी अनिल सोढानी, राजेंद्र गुप्ता, संजय सिंघल, संतोष चौहान, पूनम भगत, संजय अग्रवाल, ओपी बागला, डा. शिवशंकर मिश्र, राजकुमार शर्मा ने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों की गुरुवंदना से हुआ। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर सुंदरकांड का पाठ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जयराम आश्रम संस्कृत विद्यालय के बटुक ब्रह्मचारियों ने वैदिक मंगलाचरण से पूरे वातावरण को वैदिक बना दिया।
हरिद्वार।
जयराम आश्रम के ब्रह्मलीन परमाध्यक्ष स्वामी देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की तेरहवीं पुण्यतिथि पर जयराम आश्रम में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर जूना अखाड़े के अध्यक्ष आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि विश्व को रोशनी दिखाने का काम भारत के संत करेंगे। उन्होंने अन्न, अक्षर एवं औषधि के क्षेत्र में समाज सेवा के लिए देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की सेवाओं को सराहा।
जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वामी देवेंद्र स्वरूप तप, स्वाध्याय एवं सेवा की प्रतिमूर्र्ति थे। कहा कि वृद्धों की उपेक्षा को देखते हुए संस्था की ओर से एक विशाल आश्रम बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बेटी बचाओ की जरूरत को सर्वकालिक बताते हुए गाय, गंगा, गौरी के संरक्षण के गुरु के मार्ग पर संस्था को लेकर चलने का संकल्प जताया। महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि योग्य गुरु को ही सुयोग्य शिष्य की प्राप्ति होती है।
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संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने समाज निर्माण में जयराम आश्रम के भूमिका की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर स्वामी ऋषिश्वरानंद, सतपाल ब्रह्मचारी, डा. श्यामसुंदर दास शास्त्री, स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती, स्वामी हरिचेतनानंद, श्याम किशोर शुक्ला, अंबरीष कुमार, विजय सारस्वत, विनय सारस्वत, पुरुषोत्तम शर्मा, महंत कमल दास, महंत ललितानंद गिरि जी, स्वामी नचिकेता, शिवशंकर गिरि, महंत मोहनदास, स्वामी जगदीशानंद, स्वामी कृष्णानंद, महंत भगवान दास, महंत गंगादास, स्वामी चिद्धिलासानंद, महंत जगजीत सिंह, स्वामी रामेश्वरानंद, संस्था के ट्रस्टी अनिल सोढानी, राजेंद्र गुप्ता, संजय सिंघल, संतोष चौहान, पूनम भगत, संजय अग्रवाल, ओपी बागला, डा. शिवशंकर मिश्र, राजकुमार शर्मा ने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों की गुरुवंदना से हुआ। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर सुंदरकांड का पाठ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जयराम आश्रम संस्कृत विद्यालय के बटुक ब्रह्मचारियों ने वैदिक मंगलाचरण से पूरे वातावरण को वैदिक बना दिया।
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