{"_id":"59b2c84e4f1c1bfc7f8b524f","slug":"150488892819-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामूहिक अस्थिकलश पहुंचा हरिद्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामूहिक अस्थिकलश पहुंचा हरिद्वार
Updated Fri, 08 Sep 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शनिवार को देवोत्थान समिति की ओर से गंगा में प्रवाहित की जाने वाले 5500 अस्थियों का कलश शुक्रवार को हरिद्वार निष्काम सेवा ट्रस्ट पहुंच गया है।
देवोत्थान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल नरेंद्र, संरक्षक महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, विजय शर्मा आदि का सिंहद्वार पर फूलमालाएं पहना कर स्वागत किया। इस मौके पर स्वामी कपिल मुनि महाराज, महंत बलवंत सिह, मुखिया महंत भगतराम, श्रीमहंत विनोद गिरि, महंत साधनानंद, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी ऋषिरामकृष्ण, महंत मोहनदास, महंत सुखदेव मुनि, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी रामस्वरूप, स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती सहित कई संत महंतों ने देव उत्थान समिति की ओर से लावारिस अस्थियों को हरिद्वार लाकर उनको नौ सितंबर को सतीघाट पर विसर्जित करने की प्रशंसा की। कहा कि महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, अनिल नरेंद्र, विजय शर्मा की ओर से पूरे देश से लावारिस अस्थियों को एकत्र करके उन्हें हरिद्वार लाकर गंगा में प्रवाहित करके उन्हें मोक्ष प्रदान करवाने का काम बहुत ही सराहनीय है। शनिवार को नौ बजे सभी अस्थि कलशों को एक रथ में सजाकर रखा जाएगा। यह अस्थि कलश बैंडबाजों के साथ निष्काम सेवा ट्रस्ट से चलकर खड़खड़ी भीमगोडा, हरकी पौड़ी होते हुए सतीघाट पहुंचेगा, जहां पर कई राजनीतक दलों के प्रतिनिधि और संत महापुरुष इन अस्थि कलशों पर फूलमाला चढ़ाकर इन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
हरिद्वार।
शनिवार को देवोत्थान समिति की ओर से गंगा में प्रवाहित की जाने वाले 5500 अस्थियों का कलश शुक्रवार को हरिद्वार निष्काम सेवा ट्रस्ट पहुंच गया है।
देवोत्थान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल नरेंद्र, संरक्षक महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, विजय शर्मा आदि का सिंहद्वार पर फूलमालाएं पहना कर स्वागत किया। इस मौके पर स्वामी कपिल मुनि महाराज, महंत बलवंत सिह, मुखिया महंत भगतराम, श्रीमहंत विनोद गिरि, महंत साधनानंद, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी ऋषिरामकृष्ण, महंत मोहनदास, महंत सुखदेव मुनि, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी रामस्वरूप, स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती सहित कई संत महंतों ने देव उत्थान समिति की ओर से लावारिस अस्थियों को हरिद्वार लाकर उनको नौ सितंबर को सतीघाट पर विसर्जित करने की प्रशंसा की। कहा कि महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, अनिल नरेंद्र, विजय शर्मा की ओर से पूरे देश से लावारिस अस्थियों को एकत्र करके उन्हें हरिद्वार लाकर गंगा में प्रवाहित करके उन्हें मोक्ष प्रदान करवाने का काम बहुत ही सराहनीय है। शनिवार को नौ बजे सभी अस्थि कलशों को एक रथ में सजाकर रखा जाएगा। यह अस्थि कलश बैंडबाजों के साथ निष्काम सेवा ट्रस्ट से चलकर खड़खड़ी भीमगोडा, हरकी पौड़ी होते हुए सतीघाट पहुंचेगा, जहां पर कई राजनीतक दलों के प्रतिनिधि और संत महापुरुष इन अस्थि कलशों पर फूलमाला चढ़ाकर इन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।