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पानी के बिलों को लेकर पालिका और जलसंस्थान आमने सामने
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:35 PM IST
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कर्णप्रयाग। पानी के बिलों में बढ़ोत्तरी को लेकर पालिका और जलसंस्थान आमने-सामने हो गए हैं। हर वर्ष हो रही पानी के बिलों में बढ़ोत्तरी और बिलों का आधार नगर पालिका की ओर से लिए जाने वाले भवन कर को बनाने को पालिका प्रशासन ने गलत करार दिया है। पालिकाध्यक्ष ने सीएम सहित जलसंस्थान के आला अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर जलमूल्य निर्धारण के लिए पेयजल कनेक्शनों पर मीटर लगाने की मांग की।
नगर पालिका नगर में 17 व्यवसायिक और 500 से अधिक आवासीय मकानों पर भवन कर लेती है। न्यूनतम 100 रुपये से 20 हजार तक वसूले जाने वाले कर को आधार मानकर पानी का बिल दिए जाने को नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला ने गलत बताया है। सीएम को भेजे ज्ञापन में नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला ने कहा कि जलसंस्थान हर वर्ष पानी के बिलों में बढ़ोत्तरी कर रहा है और इसका आधार भवन कर बताया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। वहीं दूसरी ओर जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि बिलों की राशि का निर्धारण उच्च स्तर पर होता है। नगरीय क्षेत्रों में भवन कर को ही मानक रखकर पानी का बिल लिया जाने का प्रावधान है।
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नगर पालिका नगर में 17 व्यवसायिक और 500 से अधिक आवासीय मकानों पर भवन कर लेती है। न्यूनतम 100 रुपये से 20 हजार तक वसूले जाने वाले कर को आधार मानकर पानी का बिल दिए जाने को नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला ने गलत बताया है। सीएम को भेजे ज्ञापन में नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला ने कहा कि जलसंस्थान हर वर्ष पानी के बिलों में बढ़ोत्तरी कर रहा है और इसका आधार भवन कर बताया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। वहीं दूसरी ओर जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि बिलों की राशि का निर्धारण उच्च स्तर पर होता है। नगरीय क्षेत्रों में भवन कर को ही मानक रखकर पानी का बिल लिया जाने का प्रावधान है।
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