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हाथियों की मौत ने बढ़ाई वन विभाग की चिंता
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हाथियों की मौत ने वन विभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की चिंता बढ़ा दी है। दोनों विभाग अब मिलकर हाथियों के संरक्षण के लिए योजना तैयार कर रहे है। आठ माह में अब तक 10 से अधिक हाथियों की मौत हो चुकी है। इनमें दो पालतू हाथी भी शामिल है।
वन्य जीव संरक्षण को लेकर विभाग वादों पर खरा नहीं उतर पाता है। लगातार हरिद्वार में हाथियों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। इस वर्ष आठ माह में अब तक 10 से अधिक हाथियों की मौत हो गई। हालांकि सबसे अधिक हाथी राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में मरे मिले है। मुख्यालय स्तर पर बैठे अधिकारी दोनों विभाग को बराबर का जिम्मेदार मान रहा है। हाथियों के संरक्षण के लिए जल्द ही योजना तैयार करने की तैयारी है। इसमें हरिद्वार वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अधिकारी आपस में बैठकर कर बातचीत करेंगे। इसके बाद जंगली क्षेत्र से लगे हुए इलाकों में रहने वाले लोगों से भी गोष्ठी के माध्यम से बातचीत की जाएगी।
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शनिवार को संघर्ष के दौरान मरने वाले नर हाथी राजा की मौत के बाद विभाग ने यह योजना तैयार की है। इससे पहले भी चीला में आपसी संघर्ष में मादा हाथी की मौत हो चुकी है। उधर हरिद्वार वन प्रभाग में दो हाथियों की मौत करंट लगने से हुई, जबकि चीला में ही एक पालतू हाथी की रहस्मय परिस्थितियों में मौत हो गई। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक सनातन सोनकर की मानें तो हाथियों की मौत चिंता का विषय है। जल्द ही वन प्रभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर हाथियों के संरक्षण को योजना तैयार की जाएगी।
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