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एनआईटी का धरातल में निर्माण करे सरकार
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:04 PM IST
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श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड का सुमाड़ी में शीघ्र निर्माण, संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में चिकित्सकों की तैनाती और शुद्ध पेयजल आपूर्ति की मांग के लिए प्रगतिशील जनमंच का धरना 79 वें दिन जारी रहा। इस मौके पर कहा गया कि सरकार को स्थानीय जनता की मांग सुनते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
संयुक्त अस्पताल परिसर में चल रहे धरना स्थल में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि सात साल बाद भी एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण न होना गंभीर बात है। सुमाड़ी में आवश्यकता से अधिक भूमि उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त अस्पताल मेें तैनात चिकित्सकों का ट्रांसफर कर खाली कर दिया गया है। उन्होंने अस्पताल में तत्काल बाल रोग विशेषज्ञ, एनीस्थेटिक और फीजीशियन की तैनात की मांग की। कहा गया कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के बाद श्रीकोट, श्रीनगर और पौड़ीवासी गंदा पानी पी रहे हैं। परियोजना संचालन कर रही कंपनी पेयजल योजना निर्माण के लिए पैसा देने में टालमटोल कर रही है। इसके चलते योजना अधूरी पड़ी हुई है। सरकार का कंपनी पर कोई नियंत्रण नहीं है।
धरने में संयोजक सुधाकर भट्ट, विमला कोठियाल, आरएस शुक्ला, आरपी चमोली, जेपी पुरी, गणेश टम्टा, जेपी पोखरियाल, गंभीर सिंह कंडारी और गिन्नी देवी आदि बैठे। ब्यूरो
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संयुक्त अस्पताल परिसर में चल रहे धरना स्थल में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि सात साल बाद भी एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण न होना गंभीर बात है। सुमाड़ी में आवश्यकता से अधिक भूमि उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त अस्पताल मेें तैनात चिकित्सकों का ट्रांसफर कर खाली कर दिया गया है। उन्होंने अस्पताल में तत्काल बाल रोग विशेषज्ञ, एनीस्थेटिक और फीजीशियन की तैनात की मांग की। कहा गया कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के बाद श्रीकोट, श्रीनगर और पौड़ीवासी गंदा पानी पी रहे हैं। परियोजना संचालन कर रही कंपनी पेयजल योजना निर्माण के लिए पैसा देने में टालमटोल कर रही है। इसके चलते योजना अधूरी पड़ी हुई है। सरकार का कंपनी पर कोई नियंत्रण नहीं है।
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धरने में संयोजक सुधाकर भट्ट, विमला कोठियाल, आरएस शुक्ला, आरपी चमोली, जेपी पुरी, गणेश टम्टा, जेपी पोखरियाल, गंभीर सिंह कंडारी और गिन्नी देवी आदि बैठे। ब्यूरो
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