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भवन कर निर्धारण पर लगाया अनियमितताओं का आरोप
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:59 AM IST
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भवन कर अनियमितताओं पर जताई आपत्ति
-- सभासद का आरोप, बिना बैठक कर निर्धारित किए कर
अमर उजाला ब्यूरो
मुनिकीरेती । नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक की सभासद व कर समिति सदस्य ने भवन कर में अनियमितताओं पर आपत्ति दर्ज करते हुए निकाय प्रशासन से इसे निरस्त करने की मांग की है। अधिशासी अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में निकाय सभासद व कर समिति की सदस्य हिमानी राणा ने निकाय द्वारा लगाए गए भवन कर में अनियमितता होने की बात कही है। कहा कि कर निर्धारण को लेकर नगर पंचायत की ओर से कोई बैठक नहीं की गई। अधिकांश पत्रावलियों में अभिलेख अधूरे व अप्रमाणित हैं। कई पत्रावलियों में भू-स्वामित्व संबंधी दस्तावेज नहीं हैं, जिसमें भवन कर आरोपित करने संबंधी सभी नियम कायदों की अनदेखी की गई है।
बताया कि कुछ संपत्तियों पर न्यायालय में वाद विचाराधीन है, जिसमें बेदखली की कार्रवाई चल रही है। ऐसी संपत्तियों पर भवन कर आरोपित किया जाना नियमों का उल्लंघन है। भवन कर संबंधी अधिकांश पत्रावलियों में महज अध्यक्ष व भवन कर समिति के हस्ताक्षर से ही भवन कर की दरों को कम कर दिया गया। इससे नगर पंचायत को सीधे तौर पर राजस्व की हानि हो रही है। भवन कर की दर को कम करने का कोई मानक तय नहीं किया गया। बिना भवनों की नाप किए मनमाने ढंग से भवन कर कम कर दिया गया। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से भवन कर को तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने की मांग की है। गलत तरीके से भवन कर निर्धारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
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-- सभासद का आरोप, बिना बैठक कर निर्धारित किए कर
अमर उजाला ब्यूरो
मुनिकीरेती । नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक की सभासद व कर समिति सदस्य ने भवन कर में अनियमितताओं पर आपत्ति दर्ज करते हुए निकाय प्रशासन से इसे निरस्त करने की मांग की है। अधिशासी अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में निकाय सभासद व कर समिति की सदस्य हिमानी राणा ने निकाय द्वारा लगाए गए भवन कर में अनियमितता होने की बात कही है। कहा कि कर निर्धारण को लेकर नगर पंचायत की ओर से कोई बैठक नहीं की गई। अधिकांश पत्रावलियों में अभिलेख अधूरे व अप्रमाणित हैं। कई पत्रावलियों में भू-स्वामित्व संबंधी दस्तावेज नहीं हैं, जिसमें भवन कर आरोपित करने संबंधी सभी नियम कायदों की अनदेखी की गई है।
बताया कि कुछ संपत्तियों पर न्यायालय में वाद विचाराधीन है, जिसमें बेदखली की कार्रवाई चल रही है। ऐसी संपत्तियों पर भवन कर आरोपित किया जाना नियमों का उल्लंघन है। भवन कर संबंधी अधिकांश पत्रावलियों में महज अध्यक्ष व भवन कर समिति के हस्ताक्षर से ही भवन कर की दरों को कम कर दिया गया। इससे नगर पंचायत को सीधे तौर पर राजस्व की हानि हो रही है। भवन कर की दर को कम करने का कोई मानक तय नहीं किया गया। बिना भवनों की नाप किए मनमाने ढंग से भवन कर कम कर दिया गया। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से भवन कर को तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने की मांग की है। गलत तरीके से भवन कर निर्धारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
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