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छात्र संघ में मिली हार के कारणों की समीक्षा करेगी परिषद
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:59 AM IST
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हार के कारणों को तलाशने में जुटी एबीवीपी
-- चुनिंदा सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद परिषद् में अंदरूनी घमासान शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। शहीद दुर्गा मल्ल पीजी कालेज डोईवाला छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष और महासचिव जैसे अहम पदों पर पराजित होने वाली एबीवीपी अब हार के कारणों की तलाश कर रही है। परिषद् पदाधिकारी चुनाव से सबक लेकर नए सिरे से तैयारियों को करने पर जोर दे रहे है। छात्र संघ डोईवाला में सात सालों से कई अहम पदों पर बराबर काबिज रही एबीवीपी इस बार चुनिंदा सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है। हार पर जहां संगठन में अंदरूनी घमासान शुरू हो गया है। वहीं नए सिरे से संगठन को प्रभावी बनाने की कवायद भी शुरू होने जा रही है।
हार के तमाम मायने निकाले जा रहे हैं जिसमें संगठन की अंतर्कलह से लेकर वर्चस्व की लड़ाई को भी शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के निर्वाचन क्षेत्र में छात्र संघ चुनाव में मिली हार को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। एबीवीपी का प्रदेश नेतृत्व भी डोईवाला महाविद्यालय की हार से क्षुब्ध है। छात्र महासंघ चुनावों के बाद कुछ कार्यकर्ताओं पर गाज गिरने की भी संभावना है। एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री अनुज जोशी ने बताया कि चुनाव में हारजीत का क्रम चलता है। एबीवीपी जल्द समीक्षा बैठक कर रही है। संगठन को नए सिरे से प्रभावी बनाने के लिए परिषद् ने काम शुरू कर दिया है। छात्र और कॉलेज हित में एबीवीपी काम करेगी।
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-- चुनिंदा सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद परिषद् में अंदरूनी घमासान शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। शहीद दुर्गा मल्ल पीजी कालेज डोईवाला छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष और महासचिव जैसे अहम पदों पर पराजित होने वाली एबीवीपी अब हार के कारणों की तलाश कर रही है। परिषद् पदाधिकारी चुनाव से सबक लेकर नए सिरे से तैयारियों को करने पर जोर दे रहे है। छात्र संघ डोईवाला में सात सालों से कई अहम पदों पर बराबर काबिज रही एबीवीपी इस बार चुनिंदा सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है। हार पर जहां संगठन में अंदरूनी घमासान शुरू हो गया है। वहीं नए सिरे से संगठन को प्रभावी बनाने की कवायद भी शुरू होने जा रही है।
हार के तमाम मायने निकाले जा रहे हैं जिसमें संगठन की अंतर्कलह से लेकर वर्चस्व की लड़ाई को भी शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के निर्वाचन क्षेत्र में छात्र संघ चुनाव में मिली हार को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। एबीवीपी का प्रदेश नेतृत्व भी डोईवाला महाविद्यालय की हार से क्षुब्ध है। छात्र महासंघ चुनावों के बाद कुछ कार्यकर्ताओं पर गाज गिरने की भी संभावना है। एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री अनुज जोशी ने बताया कि चुनाव में हारजीत का क्रम चलता है। एबीवीपी जल्द समीक्षा बैठक कर रही है। संगठन को नए सिरे से प्रभावी बनाने के लिए परिषद् ने काम शुरू कर दिया है। छात्र और कॉलेज हित में एबीवीपी काम करेगी।
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