{"_id":"5999c2654f1c1b14058b45c8","slug":"150324901818-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतों में धान की फसल को बर्बाद कर रहे जंगली सूअर, ग्रामीण सूअरों को खदेड़ने के लिए कर रहे रतजगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतों में धान की फसल को बर्बाद कर रहे जंगली सूअर, ग्रामीण सूअरों को खदेड़ने के लिए कर रहे रतजगा
Updated Sun, 20 Aug 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीपलकोटी। बंड क्षेत्र में जंगली सुअर ग्रामीणों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों ने बदरीनाथ वन प्रभाग के अधिकारियों से शीघ्र सुअरों को जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है। ग्रामीण ढोल-दमाऊं से रातभर सुअरों को भगाने के लिए खेतों में रतजगा कर रहे हैं।
बंड क्षेत्र के गढ़ी, मायापुर, बाटुला, अगथला, किरुली, कम्यार, श्रीकोट, कोड़िया, पीपलकोटी, नौरख सहित समीपवर्ती अन्य गांवों में इन दिनों खेतों में धान के साथ ही दलहन की खेती हो रही है, लेकिन जंगली सुअर रात में फसलों को बर्बार कर रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिबोधनी खत्री, सुनील कोठियाल, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, दीप लाल शाह, चंद्रकला मलासी, विजय मलासी, सुजान सिंह और प्रकाश बिष्ट ने विभाग से निजात दिलाने की मांग की। वहीं, घिंघराण क्षेत्र के नैल-कुड़ाऊ गांव में भी जंगली सुअरों की दहशत है। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडेय का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रभावित क्षेत्रों में वन कर्मियों को भेजकर सुअरों को जंगल की ओर खदेड़ा जाएगा।
विज्ञापन
बंड क्षेत्र के गढ़ी, मायापुर, बाटुला, अगथला, किरुली, कम्यार, श्रीकोट, कोड़िया, पीपलकोटी, नौरख सहित समीपवर्ती अन्य गांवों में इन दिनों खेतों में धान के साथ ही दलहन की खेती हो रही है, लेकिन जंगली सुअर रात में फसलों को बर्बार कर रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिबोधनी खत्री, सुनील कोठियाल, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, दीप लाल शाह, चंद्रकला मलासी, विजय मलासी, सुजान सिंह और प्रकाश बिष्ट ने विभाग से निजात दिलाने की मांग की। वहीं, घिंघराण क्षेत्र के नैल-कुड़ाऊ गांव में भी जंगली सुअरों की दहशत है। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडेय का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रभावित क्षेत्रों में वन कर्मियों को भेजकर सुअरों को जंगल की ओर खदेड़ा जाएगा।
विज्ञापन