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13 करोड़ खर्च्र करने के बाद भी नहीं सुधरे सड़क के हालात
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:03 PM IST
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कर्णप्रयाग। वर्ष 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त सड़क 13 करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं सुधरी। स्थिति यह है कि जगह-जगह हुए भूस्खलन के चलते सड़क पर आवाजाही खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में निम्न गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
वर्ष 2013 की आपदा में ब्लाक के जैंटी, कंडारा, सुनाली, सेंज, गनोली, सिलंगी, मोली, डोंठला, कांचुुला समेत कई गांवों को जोड़ने वाले पैंतीस किमी सोनला-कंडारा-सिलंगी-धरडुंगरी मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए विश्व बैंक डिवीजन ने 13 करोड़ किए। सुनाली के क्षेत्र पंचायत सदस्य दिग्पाल सिंह बिष्ट, सिलंगी की प्रधान दीपा देवी, गनोली की मधु देवी, अशोक पंवार, सुरेंद्र रावत, नरेंद्र बिष्ट, डोंठला की प्रधान अनीता देवी, मैखुरा के राकेश लाल, रमेश मैखुरी आदि ने कहा कि आरएनसीसी कंपनी ने निर्माण के बहाने पहाड़ियों से पत्थर का खनन किया, जिसके चलते कई जगह भूस्खलन जोन बन गए हैं। सुनाली गदेरा, कंडारा के पास की पहाड़ी, सेंज गदेरा, सहित मल्ला कनखुल की पहाड़ियों पर लगातार भूस्खलन से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। यही नहीं सड़क पर डामर बिछाने और नालियां बनने के बाद केबल की खुदाई की गई और फिर पेयजल लाइन के लिए सड़क खोद दी गई। अब बरसात में विभाग यहां फिर नालियों की खुदाई कर रहा है, जिससे सड़क बदहाल बनी है। दूसरी ओर विश्व बैंक डिवीजन के अधिशासी अभियंता मनोज भट्ट ने बताया कि अभी सड़क हस्तांतरित नहीं हुई है। जहां सड़क खराब हुई निर्माणदायी कंपनी से ठीक करवाई जाएगी।
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वर्ष 2013 की आपदा में ब्लाक के जैंटी, कंडारा, सुनाली, सेंज, गनोली, सिलंगी, मोली, डोंठला, कांचुुला समेत कई गांवों को जोड़ने वाले पैंतीस किमी सोनला-कंडारा-सिलंगी-धरडुंगरी मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए विश्व बैंक डिवीजन ने 13 करोड़ किए। सुनाली के क्षेत्र पंचायत सदस्य दिग्पाल सिंह बिष्ट, सिलंगी की प्रधान दीपा देवी, गनोली की मधु देवी, अशोक पंवार, सुरेंद्र रावत, नरेंद्र बिष्ट, डोंठला की प्रधान अनीता देवी, मैखुरा के राकेश लाल, रमेश मैखुरी आदि ने कहा कि आरएनसीसी कंपनी ने निर्माण के बहाने पहाड़ियों से पत्थर का खनन किया, जिसके चलते कई जगह भूस्खलन जोन बन गए हैं। सुनाली गदेरा, कंडारा के पास की पहाड़ी, सेंज गदेरा, सहित मल्ला कनखुल की पहाड़ियों पर लगातार भूस्खलन से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। यही नहीं सड़क पर डामर बिछाने और नालियां बनने के बाद केबल की खुदाई की गई और फिर पेयजल लाइन के लिए सड़क खोद दी गई। अब बरसात में विभाग यहां फिर नालियों की खुदाई कर रहा है, जिससे सड़क बदहाल बनी है। दूसरी ओर विश्व बैंक डिवीजन के अधिशासी अभियंता मनोज भट्ट ने बताया कि अभी सड़क हस्तांतरित नहीं हुई है। जहां सड़क खराब हुई निर्माणदायी कंपनी से ठीक करवाई जाएगी।
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