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मंत्री समय दें तो बंटे मुआवजा
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
वनमंत्री का समय मिलने पर 186 पीड़ित किसानों को जंगली जानवरों की ओर से बरबाद की गई फसलों का मुआवजा मिल सकेगा। बहरहाल वन विभाग की ओर से 22 दिन पहले ही ड्राफ्ट तैयार किए जा चुके हैं।
वन प्रभाग की ओर से फसलों के नुकसान, पशु क्षति, जानवरों के घायल होने पर पीड़ितों का मुआवजा दिया जाता है। वर्ष 2014 के बाद से कुछ ही पीड़ितों को मुआवजा दिया गया है। वर्ष 2015 से वर्ष 2017 के बीच फसलों के नुकसान और जानवरों द्वारा घायल ग्रामीणों के मुआवजा की सूची तैयार कर शासन को भेजी गई थी। इसमें 186 पीड़ितों का चयन किया गया था। जिसमें वर्ष 2015 से वर्ष 2017 के बीच होने नुकसान का आकलन किया गया। शासन की ओर से 24 लाख रुपये की राहत राशि हरिद्वार वन प्रभाग को दी गई। विभाग ने पीड़ितों के ड्राफ्ट तैयार कर लिए हैं।। मामले का खुलासा तब हुआ जब मदन सिंह ने जिलाधिकारी दीपक रावत के सामने तहसील दिवस में मामला उठाया। वन प्रभाग के अधिकारी की ओर से जवाब सुन जिलाधिकारी हैरान रह गए। डीएफओ एचके सिंह ने बताया कि ड्राफ्ट तैयार है। वनमंत्री के हाथों से शिविर आयोजित कर ड्राफ्ट बंटवाने है। हरिद्वार वन प्रभाग के कार्यालय अनुसार 22 दिन पूर्व ड्राफ्ट तैयार हो चुके है। मंत्री का समय नहीं मिलने से पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को कई पीड़ित हरिद्वार वन प्रभाग के बिल्वकेश्वर मंदिर के पास स्थित कार्यालय पर भी पहुंचे।
फसलों का सबसे ज्यादा नुकसान पथरी क्षेत्र में हुआ है। वहां पीड़ितों की संख्या करीब 50 है। उधर लक्सर में जानवरों के हमलों से घायल की संख्या ज्यादा है।
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हरिद्वार।
वनमंत्री का समय मिलने पर 186 पीड़ित किसानों को जंगली जानवरों की ओर से बरबाद की गई फसलों का मुआवजा मिल सकेगा। बहरहाल वन विभाग की ओर से 22 दिन पहले ही ड्राफ्ट तैयार किए जा चुके हैं।
वन प्रभाग की ओर से फसलों के नुकसान, पशु क्षति, जानवरों के घायल होने पर पीड़ितों का मुआवजा दिया जाता है। वर्ष 2014 के बाद से कुछ ही पीड़ितों को मुआवजा दिया गया है। वर्ष 2015 से वर्ष 2017 के बीच फसलों के नुकसान और जानवरों द्वारा घायल ग्रामीणों के मुआवजा की सूची तैयार कर शासन को भेजी गई थी। इसमें 186 पीड़ितों का चयन किया गया था। जिसमें वर्ष 2015 से वर्ष 2017 के बीच होने नुकसान का आकलन किया गया। शासन की ओर से 24 लाख रुपये की राहत राशि हरिद्वार वन प्रभाग को दी गई। विभाग ने पीड़ितों के ड्राफ्ट तैयार कर लिए हैं।। मामले का खुलासा तब हुआ जब मदन सिंह ने जिलाधिकारी दीपक रावत के सामने तहसील दिवस में मामला उठाया। वन प्रभाग के अधिकारी की ओर से जवाब सुन जिलाधिकारी हैरान रह गए। डीएफओ एचके सिंह ने बताया कि ड्राफ्ट तैयार है। वनमंत्री के हाथों से शिविर आयोजित कर ड्राफ्ट बंटवाने है। हरिद्वार वन प्रभाग के कार्यालय अनुसार 22 दिन पूर्व ड्राफ्ट तैयार हो चुके है। मंत्री का समय नहीं मिलने से पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को कई पीड़ित हरिद्वार वन प्रभाग के बिल्वकेश्वर मंदिर के पास स्थित कार्यालय पर भी पहुंचे।
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फसलों का सबसे ज्यादा नुकसान पथरी क्षेत्र में हुआ है। वहां पीड़ितों की संख्या करीब 50 है। उधर लक्सर में जानवरों के हमलों से घायल की संख्या ज्यादा है।
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