फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ...अजीबोगरीब शिकायत पर पशेपेश में ज्वालापुर पुलिस

...अजीबोगरीब शिकायत पर पशेपेश में ज्वालापुर पुलिस

Thu, 27 Jul 2017 10:26 PM IST
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:26 PM IST
विज्ञापन
...अजीबोगरीब शिकायत पर पशेपेश में ज्वालापुर पुलिस

विज्ञापन

कुणाल दरगन
हरिद्वार।
एक अजीबोगरीब शिकायत को लेकर इन दिनों ज्वालापुर पुलिस हैरान-परेशान है। पुलिस को समझ नहीं आ रहा है कि इस मसले को कैसे सुलझाएं। पूरे विवाद की जड़ एक फोटो है, जिसे लेकर दो सराफों ने आस्तीनें चढ़ाई हुई हैं।

दरअसल पूरा मामला कुछ यूं है। ज्वालापुर के जाने माने सराफ रहे एक बुजुर्ग ने पूरी जिंदगी अपने रिश्तेदार की दुकान की गद्दी संभालकर बिताई। बुजुर्ग की साख बेहद अच्छी थी, लिहाजा ग्राहकों की संख्या भी अनगिनत थी। विवाद ने तब जन्म लिया जब बुजुर्ग का देहांत हुआ। बुजुर्ग जिस दुकान की कमान संभालते थे, उसका मालिक उन्हें अपना सराफ के व्यवसाय में गुरु मानता था। रिश्ते में वह उसके दादा भी लगते थे। लिहाजा, उसने बुजुर्ग की फोटो फ्रेम कराकर दुकान पर लगा ली। ये बात बुजुर्ग के परिजनों को नागवार गुजरी। चूंकि वे उनके पिता थे, लिहाजा उन्होंने उनकी फोटो लगाने पर एतराज जताया। इधर, दूसरे पक्ष ने गुरु की फोटो हटाने से साफ मना कर दिया है। बिरादरी में बैठकों का दौर भी चला, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब प्रकरण कोतवाली ज्वालापुर पहुंचा है। पुलिस ने जब शिकायत सुनी कि पूरे विवाद की जड़ फोटो है तो वह परेशानी में पड़ गई। फोटो लगाने वाले सराफ ने कहा कि उसने अपने गुरु की फोटो लगाई है और वह उसी की ही दुकान पर बैठते थे। इधर, दूसरे पक्ष को इस पर एतराज है। वह बोलते हैं कि उनके पिता की फोटो लगाने का अधिकार किसी दूसरे को नहीं है। एसएसआई जगमोहन रमोला ने बताया कि शिकायत अजीबोगरीब है। दोनों पक्ष को बुलाकर बात कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed