{"_id":"5967a1ad4f1c1b74118b4572","slug":"14999638858-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्जन के इनकार करने पर नसबंदी कैंप पर ग्रहण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्जन के इनकार करने पर नसबंदी कैंप पर ग्रहण
Updated Thu, 13 Jul 2017 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिला अस्पताल के सर्जन की नेत्र दृष्टि कमजोर होने से नसबंदी कैंपों पर ग्रहण लग गया है। सीएमओ ने स्वास्थ्य महानिदेशक को सर्जन की स्थिति से अवगत कराते हुए नसबंदी कैंपों के लिए सक्षम सर्जन मांगा है।
जिला अस्पताल में हाल ही में सर्जन डा. अरुण पांडेय ने यहां ज्वाइन किया है। ज्वाइनिंग करते हुए डा. अरुण ने नेत्र दृष्टि कमजोर बताते हुए दूरबीन से ऑपरेशन करने में असमर्थता जता दी। उनके नसबंदी आपरेशन से इन्कार करने से जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़ा के तहत लगने वाले नसबंदी कैंपों पर ग्रहण लग गया। जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़ा 11 जुलाई से शुरू हो गया और इससे पहले आशाओं को प्रशिक्षण देने आदि की प्रक्रिया भी कर ली गई, लेकिन सर्जन न होने से कैंप नहीं लग सके। अधिकारियों की मानें तो जनपद में कभी ऐसा नहीं हुआ कि नसबंदी कैंप न लगाए जा सके हों।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में दो वरिष्ठ सर्जन डा. नरेश जौहरी और डा. वीपी मौर्या थे। पिछले महीने दोनों का एक साथ तबादला कर दिया गया। इन दोनों सर्जनों के स्थान पर डा. अरुण को भेजा गया। सीएमओ डा. रविंद्र थपलियाल ने बताया कि सक्षम सर्जन न होने से नसबंदी कैंप नहीं लगाए जा सके हैं। मौजूदा सर्जन की हालत से शासन को अवगत कराते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक से सर्जन उपलब्ध कराने को पत्र लिखा है।
विज्ञापन