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नहीं मिल रही ब्रांडेड दवाएं
Updated Thu, 13 Jul 2017 10:06 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जीएसटी लागू होने के बाद से शहर में किसी भी कंपनी की दवा की खेप की सप्लाई नहीं हो सकी है। ऐसे में शहर के मेडिकल स्टोर खाली होने से मरीज भी परेशान हो सके। शुगर, रैबीज, विभिन्न सीरप, आंखों की दवा, विभिन्न टीके, सर्जरी के सामान के साथ खांसी तक की ब्रांडेड दवा नहीं मिल रही है। ऐसे में लोकल कंपनियों की दवा से जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है।
जीएसटी लागू होने के बाद से दवाओं पर लगने वाले टैक्स का स्लैब सही तरीके से जारी नहीं हो सका है। इससे दवा कंपनियों से लेकर मेडिकल स्टोरों पर चलने वाले सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो सके हैं। जीएसटी के 13 दिनों के बाद भी हालात जस के तस हैं, लेकिन अब इस अवधि में किसी भी दवा कंपनी ने किसी भी प्रकार की दवा सप्लाई नहीं की है। हरिद्वार महानगर में दवाओं का टोटा होने लगा है। हॉल सेल से लेकर फुटकर विक्रेताओं के मेडिकल स्टोर भी खाली हो चुके हैं। अब हालात यह हो चुके हैं कि शुगर के लिए इंसुलिन और गोली भी नहीं मिल पा रही हैं। रैबीज की दवा तो सरकारी अस्पतालों में महीनों से नहीं है। विभिन्न प्रकार के टीकों की वैक्सीन नहीं है। सर्जरी के सामान भी समाप्ति पर हैं। ब्रांडेड कंपनियों के सामान पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं। मेडिकल व्यवसायियों की माने तो लोकल कंपनियों के सामानों से काम चलाया जा रहा है। एक- दो दिन में हालात नहीं सुधरे तो दवाओं के लिए हाहाकार मच जाएगा। मेडिकल एसोसिशन के जिलाध्यक्ष अमित गर्ग ने बताया कि जीएसटी लागू के बाद से दवाओं की सप्लाई बाधित हुई है।
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फूड सप्लीमेंट और स्कीन की दवा नहीं
मेडिकल स्टोरों पर बिकने वाले फूड सप्लीमेंट पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं। किसी भी प्रकार के फूड सप्लीमेंट नहीं मिलने से लोग परेशान है। अब स्कीन की भी दवा किसी मेडिकल स्टोर पर नहीं मिल रही है। सरकारी अस्पतालों में भी सप्लाई न होने से डाक्टरों के साथ मरीज भी परेशान है।
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