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राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए रमनदीप सिंह का नाम प्रस्तावित
Updated Tue, 02 Oct 2018 02:24 AM IST
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राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए रमनदीप का नाम प्रस्तावित
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद ने इस बार राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2018 के लिए रमनदीप सिंह का नाम प्रस्तावित किया है। पौड़ी गढ़वाल के ग्राम मुड़गांव निवासी रमनदीप पुत्र उदयवीर सिंह के नाम की सिफारिश उनके साहस और सूझबूझ को देखते हुए की गई है।
परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. आईएस पाल ने बताया कि छह वर्षीय रमनदीप ने अपनी जान जोखिम में डालकर अदम्य साहस और सूझबूझ दिखाते हुए गुलदार से स्वयं और दूसरों की जान बचाई। इस मामले में परिषद ने जिला प्रशासन के सहयोग से पूरी जांच पड़ताल करने के बाद पुरस्कार के लिए प्रस्ताव अंतिम चयन के लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली को भेजा है।
गौरतलब है कि मास्टर रमनदीप 1 अगस्त 2017 की शाम अपने अपने आंगन में खेल रहा था। इसी बीच करीब 4:30 बजे एक गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। घायल होने के बावजूद रमनदीप ने घबराए बिना शोर मचाना शुरू कर दिया। जिससे आसपास के लोग वहां इकट्ठा हो गए। भीड़ को देख इसके बाद गुलदार भाग गया। घायल बच्चे को चंद्रमोहन सिंह नेगी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
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परिषद के अवैतनिक संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि अभी तक प्रदेश के 11 वीर बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद ने इस बार राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2018 के लिए रमनदीप सिंह का नाम प्रस्तावित किया है। पौड़ी गढ़वाल के ग्राम मुड़गांव निवासी रमनदीप पुत्र उदयवीर सिंह के नाम की सिफारिश उनके साहस और सूझबूझ को देखते हुए की गई है।
परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. आईएस पाल ने बताया कि छह वर्षीय रमनदीप ने अपनी जान जोखिम में डालकर अदम्य साहस और सूझबूझ दिखाते हुए गुलदार से स्वयं और दूसरों की जान बचाई। इस मामले में परिषद ने जिला प्रशासन के सहयोग से पूरी जांच पड़ताल करने के बाद पुरस्कार के लिए प्रस्ताव अंतिम चयन के लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली को भेजा है।
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गौरतलब है कि मास्टर रमनदीप 1 अगस्त 2017 की शाम अपने अपने आंगन में खेल रहा था। इसी बीच करीब 4:30 बजे एक गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। घायल होने के बावजूद रमनदीप ने घबराए बिना शोर मचाना शुरू कर दिया। जिससे आसपास के लोग वहां इकट्ठा हो गए। भीड़ को देख इसके बाद गुलदार भाग गया। घायल बच्चे को चंद्रमोहन सिंह नेगी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
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परिषद के अवैतनिक संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि अभी तक प्रदेश के 11 वीर बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।