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चौथे दिन 26 स्थानों से हटाया गया अवैध अतिक्रमण
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:12 PM IST
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नई टिहरी। हाईकोर्ट के आदेश पर नगरपालिका क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चौथे दिन भी जारी रहा। प्रशासन की टीम ने बौराड़ी क्षेत्र में सघन अभियान चलाकर संयुक्त रूप से 26 स्थानों से अतिक्रमण हटाया। शनिवार को सेक्टर 4 सी, मोलधार, गीता भवन में अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन के सख्त रुख को देखते हुए कई लोग अब स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटाने लगे हैं। डीएम सोनिका ने कहा कि जो लोग स्वयं अतिक्रमण हटाने का शपथपत्र दे रहे हैं, वहां फिलहाल जेसीबी नहीं चलाई जा रही है। उन्हें सशर्त समय दिया जा रहा है।
शुक्रवार को एसडीएम सदर चतर सिंह चौहान, ईओ पालिका राजेंद्र सजवाण, तहसीलदार भीम सिंह कठैत और पुनर्वास के अधिकारियों की अगुवाई में बौराड़ी के गणेश चौराहा, बस अड्डा, लोनिवि मार्ग और ढुंगीधार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया गया। बौराड़ी में अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने वाले बीएस तोपवाल के मकान के बाहर बने बहुमंजिला भवन को भी प्रशासन की जेसीबी ने गिरा दिया। एसडीएम ने बताया कि अब तक चिह्नित करीब 140 लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। इधर, जिला बार एसोसिएशन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। अध्यक्ष राजेंद्र उनियाल और जगतमणी पैन्यूली ने बताया कि यदि हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हो रही है तो अतिक्रमण करने वालों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि नोटिस दिए जाने के बाद उन्हें समय भी नहीं दिया गया। निजी स्कूलों की भूमि का सत्यापन भी नहीं किया गया है।
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शुक्रवार को एसडीएम सदर चतर सिंह चौहान, ईओ पालिका राजेंद्र सजवाण, तहसीलदार भीम सिंह कठैत और पुनर्वास के अधिकारियों की अगुवाई में बौराड़ी के गणेश चौराहा, बस अड्डा, लोनिवि मार्ग और ढुंगीधार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया गया। बौराड़ी में अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने वाले बीएस तोपवाल के मकान के बाहर बने बहुमंजिला भवन को भी प्रशासन की जेसीबी ने गिरा दिया। एसडीएम ने बताया कि अब तक चिह्नित करीब 140 लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। इधर, जिला बार एसोसिएशन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। अध्यक्ष राजेंद्र उनियाल और जगतमणी पैन्यूली ने बताया कि यदि हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हो रही है तो अतिक्रमण करने वालों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि नोटिस दिए जाने के बाद उन्हें समय भी नहीं दिया गया। निजी स्कूलों की भूमि का सत्यापन भी नहीं किया गया है।
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