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बिजली का निजीकरण बर्दाश्त नहीं : भाकियू
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:44 AM IST
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रुड़की। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने बिजली के निजीकरण को बर्दाश्त न करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (जेएम) से भुगतान जल्द कराने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने सोमवार को जेएम नितिका खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की गन्ना फैक्ट्रियां, उत्तर प्रदेश से भुगतान के मामले में काफी पीछे है। यूपी में अप्रैल तक का भुगतान किया जा चुका है। इकबालपुर शुगर मिल पर तो विगत सत्र का 70 प्रतिशत भुगतान बकाया चल रहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि सूत्रों से जानकारी मिली है कि सरकार बिजली का निजीकरण करने वाली है, लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, किसानों की स्थिति को देखते हुए खेती के लिए बिजली मुफ्त और घरेलू कार्यों के लिए आधे दाम पर दी जाए। इसके साथ ही फैक्ट्रियों का गंदा पानी जमीन के अंदर उतारा जा रहा है, जिससे भूमिगत जल दूषित हो चुका है। और जनता कैंसर जैसी घातक बीमारी से प्रभावित है। ऐसी फैक्ट्रियों की जांच कर कार्रवाई की जाए। इस दौरान मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, अरविंद राठी, सुक्रमपाल, मोहम्मद अरशद, विनय कुमार आदि मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने सोमवार को जेएम नितिका खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की गन्ना फैक्ट्रियां, उत्तर प्रदेश से भुगतान के मामले में काफी पीछे है। यूपी में अप्रैल तक का भुगतान किया जा चुका है। इकबालपुर शुगर मिल पर तो विगत सत्र का 70 प्रतिशत भुगतान बकाया चल रहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि सूत्रों से जानकारी मिली है कि सरकार बिजली का निजीकरण करने वाली है, लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, किसानों की स्थिति को देखते हुए खेती के लिए बिजली मुफ्त और घरेलू कार्यों के लिए आधे दाम पर दी जाए। इसके साथ ही फैक्ट्रियों का गंदा पानी जमीन के अंदर उतारा जा रहा है, जिससे भूमिगत जल दूषित हो चुका है। और जनता कैंसर जैसी घातक बीमारी से प्रभावित है। ऐसी फैक्ट्रियों की जांच कर कार्रवाई की जाए। इस दौरान मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, अरविंद राठी, सुक्रमपाल, मोहम्मद अरशद, विनय कुमार आदि मौजूद रहे।
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