{"_id":"5b3d2f474f1c1b77468b4a73","slug":"141530736455-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग पर चालक के खिलाफ होगा केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग पर चालक के खिलाफ होगा केस
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
धुमाकोट बस हादसे से सबक लेते हुए ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। परिवहन सचिव डी सेंथिल पांडियन की ओर से जारी आदेश में सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और एसएससपी को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों के उल्लंघन पर एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ ही चालकों के खिलाफ केस भी दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
आदेश के मुताबिक, जो चालक ओवरलोडिंग करते, मोबाइल पर बात करते, शराब पीकर-तेज रफ्तार से वाहन चलाते और लाल बत्ती क्रास करते पाएं जाएं, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं। परिवहन सचिव डी सेंथिल पांडियन का कहना है कि उत्तराखंड का अधिकांश भाग पर्वतीय है और मौसम के विपरीत परिस्थितियों के चलते हर साल भीषण दुर्घटनाएं होती हैं। इसके अलावा वाहन चालक भी यातायात नियमों का पालन नहीं करते। प्रदेश में वर्ष 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ऐसे में अब समय आ गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए परिवहन सचिव पांडियन का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर गठित समिति की ओर से जो संस्तुतियां दी गई हैं, उसमें भी नियमों के उल्लंघन पर एमवी एक्ट में कार्रवाई के साथ आईपीसी की धाराओं में भी केस दर्ज करने की बात कही गई है। इस संबंध में सभी आरटीओ और एआरटीओ को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
धुमाकोट बस हादसे से सबक लेते हुए ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। परिवहन सचिव डी सेंथिल पांडियन की ओर से जारी आदेश में सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और एसएससपी को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों के उल्लंघन पर एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ ही चालकों के खिलाफ केस भी दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
आदेश के मुताबिक, जो चालक ओवरलोडिंग करते, मोबाइल पर बात करते, शराब पीकर-तेज रफ्तार से वाहन चलाते और लाल बत्ती क्रास करते पाएं जाएं, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं। परिवहन सचिव डी सेंथिल पांडियन का कहना है कि उत्तराखंड का अधिकांश भाग पर्वतीय है और मौसम के विपरीत परिस्थितियों के चलते हर साल भीषण दुर्घटनाएं होती हैं। इसके अलावा वाहन चालक भी यातायात नियमों का पालन नहीं करते। प्रदेश में वर्ष 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
ऐसे में अब समय आ गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए परिवहन सचिव पांडियन का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर गठित समिति की ओर से जो संस्तुतियां दी गई हैं, उसमें भी नियमों के उल्लंघन पर एमवी एक्ट में कार्रवाई के साथ आईपीसी की धाराओं में भी केस दर्ज करने की बात कही गई है। इस संबंध में सभी आरटीओ और एआरटीओ को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन