फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   पूर्व प्रधान पर मनरेगा के कामों में भ्रष्टाचार का आरोप

पूर्व प्रधान पर मनरेगा के कामों में भ्रष्टाचार का आरोप

Fri, 29 Dec 2017 01:49 AM IST
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:49 AM IST
विज्ञापन
पूर्व प्रधान पर मनरेगा के कामों में भ्रष्टाचार का आरोप
पूर्व प्रधान पर मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप
विज्ञापन

-- सामाजिक कार्यकर्ता भगवंत सिंह संधु की ने की प्रेसवार्ता
-- कहा, 25 लाख रुपये की धांधलेबाजी का दोष हुआ है साबित
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश/रायवाला। गौहरीमाफी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भगवंत सिंह संधु ने पूर्व प्रधान पर संजय पोखरियाल पर मनरेगा कार्यों में 25 लाख रुपये का भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मामले में पीएम कार्यालय के निर्देश के बाद डीएम के निर्देशन में गठित जांच कमेटी ने भी पोखरियाल को दोषी पाया है। आरोप लगाया कि कार्रवाई से बचने और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वह गांव में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों में रोड़ा अटकाने में लगे हैं।
बृहस्पतिवार को रायवाला स्थित एक होटल में सामाजिक कार्यकर्ता संधु ने गौहरीमाफी प्रधान सरिता रतूड़ी के साथ प्रेसवार्ता की। संधु ने बताया कि ग्रामसभा में वर्ष-2011 में मनरेगा के तहत 25 लाख रुपये के तार जाल और बाढ़ सुरक्षा के कार्य पांच चरणों में कराए गए थे। कार्यों में धांधली की शिकायत उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से की थी। पीएमओ ने शिकायत का संज्ञान लेकर राज्य सरकार को मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। संधू के अनुसार डीएम ने धांधली की जांच जिला विकास अधिकारी को सौंपी थी। जिला विकास अधिकारी ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर सहायक परियोजना अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण अधिकारी व खंड विकास अधिकारी मनरेगा को प्रकरण की जांच कराई।
विज्ञापन

उन्होंने दावा किया कि मामले की जांच में पूर्व प्रधान संजय पोखरियाल दोषी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में समिति ने उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। कहा कि राज्य सरकार गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य करा रही है, लेकिन पूर्व प्रधान लोगों का ध्यान उन पर लगे आरोपों से भटकाने के लिए इसमें रोड़ा डाल रहे हैं। गांव में उनके द्वारा की गई धांधलेबाजी से बचने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इस दौरान उपप्रधान कृति सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या कहते हैं अधिकारी
इस प्रकार का कोई मामला मुझ तक नहीं पहुंचा है। मामले की फाइल पहुंचती है, तो उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ऐसा कोई प्रकरण सामने नहीं आया है।
एसए मुरुगेशन, डीएम, देहरादून
-----------------
मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। जांच समिति को प्रलोभन देकर रिपोर्ट तैयार कराई गई है। मामले की मजिस्ट्रियल जांच होनी चाहिए। वर्तमान प्रधान के कार्यों की भी जांच सरकार को करानी चाहिए।
संजय पोखरियाल
पूर्व प्रधान, गौहरीमाफी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed