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धुंध और शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:17 AM IST
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धुंध और शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
-- पारा लुढ़कने से दिन भर नहीं हो पाए सूर्यदेव के दर्शन, वाहनों की स्पीड भी थमी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। बारिश के बाद ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तीर्थनगरी में मौसम का मिजाज बृहस्पतिवार को पूरी तरह से बदल गया। सर्दी बढ़ने के साथ ही शीतलहर ने लोगों को परेशान किया। ठंड से बचने के लिए लोग चौक-चौराहों पर अलाव पर हाथ सेकते नजर आए। सुबह और रात के वक्त कोहरे ने वाहन सवारों की मुश्किलों को बढ़ाए रखा। क्षेत्र में बीते सोमवार को रिमझिम बारिश के बाद एकाएक मौसम ने करवट ली है। पारा लुढ़कने के कारण बृहस्पतिवार को लोगों को सर्दी की वजह से सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पाए। शीतलहर के चलते सड़क और बाजार में लोगों की मौजूदगी कम ही नजर आई। शहर और समीपवर्ती इलाकों के अधिकांश चौक-चौराहों पर लोग ठंड बचने की जुगत लड़ाते दिखे। लोगों ने अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने की कोशिश की।
सुबह तीर्थनगरी में छायी कोहरे की चादर वाहन सवारों के लिए परेशानी का सबब बनी। विजिबिलिटी कम होने से वाहन सवारों को सड़क पर धीमी गति में वाहन चलाने पड़े। ठंड बढ़ने से तीर्थनगरी के पर्यटक स्थलों पर जरूर पर्यटकों चहल-पहल रही। उधर, नगर निकाय ने बढ़ती ठंड को देखते हुए बेघर लोगों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कर दी है, जिससे खुले आसमान के नीचे रात गुजरने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
सुबह से शाम तक 14 डिग्री तक पहुंचा पारा
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में ठंड लगातार बढ़ रही है। बृहस्पतिवार की शाम अधिकतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया। रात में पारा और भी ज्यादा लुढ़क गया। पारा गिरने से लोगों को बढ़ती ठंड के चलते परेशानियां पेश आई। इसमें कोहरे ने लोगों की मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
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फसल के लिए मुफीद है मौसम
ऋषिकेश। कृषि विभाग के मुताबिक हाल में हुई बारिश गेंहू की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है। कृषि अधिकारी डोईवाला इंदू नौटियाल ने बताया कि गेंहू की फसल कुछ इलाकों में बोई जा चुकी है। लिहाजा इन इलाकों के लोगों के लिए फसल के लिहाज बारिश और हाल का मौसम ठीक है। इससे फसल पर किसी तरह के नुकसान नहीं, बल्कि लाभ की पूरी संभावना है।
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-- पारा लुढ़कने से दिन भर नहीं हो पाए सूर्यदेव के दर्शन, वाहनों की स्पीड भी थमी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। बारिश के बाद ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तीर्थनगरी में मौसम का मिजाज बृहस्पतिवार को पूरी तरह से बदल गया। सर्दी बढ़ने के साथ ही शीतलहर ने लोगों को परेशान किया। ठंड से बचने के लिए लोग चौक-चौराहों पर अलाव पर हाथ सेकते नजर आए। सुबह और रात के वक्त कोहरे ने वाहन सवारों की मुश्किलों को बढ़ाए रखा। क्षेत्र में बीते सोमवार को रिमझिम बारिश के बाद एकाएक मौसम ने करवट ली है। पारा लुढ़कने के कारण बृहस्पतिवार को लोगों को सर्दी की वजह से सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पाए। शीतलहर के चलते सड़क और बाजार में लोगों की मौजूदगी कम ही नजर आई। शहर और समीपवर्ती इलाकों के अधिकांश चौक-चौराहों पर लोग ठंड बचने की जुगत लड़ाते दिखे। लोगों ने अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने की कोशिश की।
सुबह तीर्थनगरी में छायी कोहरे की चादर वाहन सवारों के लिए परेशानी का सबब बनी। विजिबिलिटी कम होने से वाहन सवारों को सड़क पर धीमी गति में वाहन चलाने पड़े। ठंड बढ़ने से तीर्थनगरी के पर्यटक स्थलों पर जरूर पर्यटकों चहल-पहल रही। उधर, नगर निकाय ने बढ़ती ठंड को देखते हुए बेघर लोगों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कर दी है, जिससे खुले आसमान के नीचे रात गुजरने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
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सुबह से शाम तक 14 डिग्री तक पहुंचा पारा
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में ठंड लगातार बढ़ रही है। बृहस्पतिवार की शाम अधिकतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया। रात में पारा और भी ज्यादा लुढ़क गया। पारा गिरने से लोगों को बढ़ती ठंड के चलते परेशानियां पेश आई। इसमें कोहरे ने लोगों की मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
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फसल के लिए मुफीद है मौसम
ऋषिकेश। कृषि विभाग के मुताबिक हाल में हुई बारिश गेंहू की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है। कृषि अधिकारी डोईवाला इंदू नौटियाल ने बताया कि गेंहू की फसल कुछ इलाकों में बोई जा चुकी है। लिहाजा इन इलाकों के लोगों के लिए फसल के लिहाज बारिश और हाल का मौसम ठीक है। इससे फसल पर किसी तरह के नुकसान नहीं, बल्कि लाभ की पूरी संभावना है।