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काबिज जमीनों को आबादी घोषित करने की मांग
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
हाईकोर्ट की ओर से गल्जवाड़ी में अंगेलिया हाउसिंग सोसायटी की 115 एकड़ जमीन को राज्य सरकार में निहित किए जाने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। ग्र्रामीणों ने सरकार से काबिज जमीन को आबादी क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।
इस बाबत ग्राम प्रधान लीला शर्मा, उप प्रधान विमाला क्षेत्री, वार्ड मेंबर लक्ष्मी देवी, वार्ड मेंबर राखी गुरुंग आदि ने शासन को पत्र लिखा है। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने 1965 में अंगेलिया हाउसिंग सोसायटी से 500 रुपये प्रति बीघा की दर से जमीनें खरीदी थी जिससे दस्तावेज उनके पास हैं। यदि सरकार व जिला प्रशासन द्वारा उन्हें बेदखल किया जाता है तो सैकड़ों परिवारों कोे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में काबिज जमीनों को आबादी घोषित कर मालिकाना हक दिया जाए।
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हाईकोर्ट की ओर से गल्जवाड़ी में अंगेलिया हाउसिंग सोसायटी की 115 एकड़ जमीन को राज्य सरकार में निहित किए जाने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। ग्र्रामीणों ने सरकार से काबिज जमीन को आबादी क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।
इस बाबत ग्राम प्रधान लीला शर्मा, उप प्रधान विमाला क्षेत्री, वार्ड मेंबर लक्ष्मी देवी, वार्ड मेंबर राखी गुरुंग आदि ने शासन को पत्र लिखा है। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने 1965 में अंगेलिया हाउसिंग सोसायटी से 500 रुपये प्रति बीघा की दर से जमीनें खरीदी थी जिससे दस्तावेज उनके पास हैं। यदि सरकार व जिला प्रशासन द्वारा उन्हें बेदखल किया जाता है तो सैकड़ों परिवारों कोे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में काबिज जमीनों को आबादी घोषित कर मालिकाना हक दिया जाए।
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