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प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या
Updated Tue, 02 Oct 2018 10:13 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले के पाणा गांव में एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर उसके शव को खाई में फेंक दिया। मृतक के भाई ने पटवारी चौकी में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई तो मामले का खुलासा हुआ। मंगलवार को महिला और उसके प्रेमी को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला जेल पुरसाड़ी भेज दिया गया।
पाणा गांव के राजस्व उपनिरीक्षक नीरज स्वरूप ने बताया कि 20 सितंबर को जोशीमठ निवासी गौर सिंह ने अपने भाई गुड्डू सिंह (32) पुत्र चंद्र सिंह की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि गुड्डू पाणा गांव में अपनी ससुराल में ही रहता था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद राजस्व पुलिस मामले की जांच में जुट गई। एक अक्तूबर को राजस्व पुलिस ने पाणा गांव पहुंचकर मृतक की पत्नी तुलसी देवी (31) और परिजनों से पूछताछ की। तुलसी देवी से गहन पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया।
तुलसी ने पुलिस को बताया कि उसका गांव के ही खिलाफ सिंह के साथ सात माह से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसके पति को दोनों के बीच संबंधों का पता चला तो उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। तुलसी के मुताबिक 29 जुलाई की रात जब गुड्डू अपने कमरे में सोया हुआ था तो खिलाफ सिंह ने कमरे में घुसकर उसका गला दबा दिया। उसने (तुलसी) उसके पैर पकड़े और दम घुटने से गुड्डू की मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने के लिए दोनों ने रात को ही गांव से करीब एक किमी दूर उसके शव को चट्टान से खाई में फेंक दिया। राजस्व पुलिस की टीम ने तुलसी देवी की निशानदेही पर खाई में शव की खोज की तो वहां एक मानव पैर का कंकाल पड़ा मिला, जिसे जांच के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। मंगलवार को राजस्व पुलिस ने तुलसी देवी और खिलाफ सिंह को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को 12 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया है। राजस्व उपनिरीक्षक स्वरूप ने बताया कि तुलसी देवी का दस साल का बेटा और छह साल की बेटी है। दोनों बच्चों को गांव में उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। खिलाफ सिंह भी शादीशुदा है।
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पाणा गांव के राजस्व उपनिरीक्षक नीरज स्वरूप ने बताया कि 20 सितंबर को जोशीमठ निवासी गौर सिंह ने अपने भाई गुड्डू सिंह (32) पुत्र चंद्र सिंह की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि गुड्डू पाणा गांव में अपनी ससुराल में ही रहता था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद राजस्व पुलिस मामले की जांच में जुट गई। एक अक्तूबर को राजस्व पुलिस ने पाणा गांव पहुंचकर मृतक की पत्नी तुलसी देवी (31) और परिजनों से पूछताछ की। तुलसी देवी से गहन पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया।
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तुलसी ने पुलिस को बताया कि उसका गांव के ही खिलाफ सिंह के साथ सात माह से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसके पति को दोनों के बीच संबंधों का पता चला तो उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। तुलसी के मुताबिक 29 जुलाई की रात जब गुड्डू अपने कमरे में सोया हुआ था तो खिलाफ सिंह ने कमरे में घुसकर उसका गला दबा दिया। उसने (तुलसी) उसके पैर पकड़े और दम घुटने से गुड्डू की मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने के लिए दोनों ने रात को ही गांव से करीब एक किमी दूर उसके शव को चट्टान से खाई में फेंक दिया। राजस्व पुलिस की टीम ने तुलसी देवी की निशानदेही पर खाई में शव की खोज की तो वहां एक मानव पैर का कंकाल पड़ा मिला, जिसे जांच के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। मंगलवार को राजस्व पुलिस ने तुलसी देवी और खिलाफ सिंह को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को 12 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया है। राजस्व उपनिरीक्षक स्वरूप ने बताया कि तुलसी देवी का दस साल का बेटा और छह साल की बेटी है। दोनों बच्चों को गांव में उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। खिलाफ सिंह भी शादीशुदा है।
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