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भ्रांतियां न पाले, किसी की जिंदगी बचाने के लिए करें रक्तदान
Updated Mon, 02 Jul 2018 01:40 AM IST
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भ्रांतियां न पाले, किसी की जिंदगी बचाने के लिए करें रक्तदान
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नव युवा संगठन और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय दीपनगर में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सहयोग से आयोजित शिविर में 59 लोगों ने रक्तदान किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने रक्तदान के प्रति व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर करने का प्रयास किया।
रक्तदान शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि एक यूनिट रक्त से चार मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होेंने रक्तदाताओं की भ्रांतियों का भी निराकरण किया। बताया कि रक्तदान से कोई शारीरिक कमजोरी नहीं आती है। रक्तदान के बाद शरीर से जो रक्त निकलता है उसकी भरपाई 24 घंटे के भीतर स्वत: हो जाती है। इसके अलावा शरीर में जो नया खून बनता है, उसमें पहले की तुलना में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इसलिए सबको रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
रक्तदान शिविर के मुख्य अतिथि पुष्पेंद्र कटियार से संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि देश में किसी की जान रक्त की कमी से न जाए इसके लिए सबको रक्तदान करना चाहिए। शिविर के संयोजक जयपाल सिंह नेगी ने कहा कि रक्तदान महादान है और इसको लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है। संयोजक ने आश्वासन दिया कि किसी भी मरीज या तीमारदार को जब भी जरूरत होगी, उनको तत्काल रक्त मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा। रक्तदान शिविर में जोगेंद्र रावत, सुमित शर्मा, योगेंद्र भदौरिया, संदीप कुमार, फरीद अहमद, मनोज कुमार, रवींद्र, प्रदीप नौटियाल, श्रीराम, मदन, जमीर, नीमा कठैत, सुमन, प्रियांक, कुशवाह आदि ने हिस्सा लिया।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नव युवा संगठन और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय दीपनगर में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सहयोग से आयोजित शिविर में 59 लोगों ने रक्तदान किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने रक्तदान के प्रति व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर करने का प्रयास किया।
रक्तदान शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि एक यूनिट रक्त से चार मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होेंने रक्तदाताओं की भ्रांतियों का भी निराकरण किया। बताया कि रक्तदान से कोई शारीरिक कमजोरी नहीं आती है। रक्तदान के बाद शरीर से जो रक्त निकलता है उसकी भरपाई 24 घंटे के भीतर स्वत: हो जाती है। इसके अलावा शरीर में जो नया खून बनता है, उसमें पहले की तुलना में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इसलिए सबको रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
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रक्तदान शिविर के मुख्य अतिथि पुष्पेंद्र कटियार से संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि देश में किसी की जान रक्त की कमी से न जाए इसके लिए सबको रक्तदान करना चाहिए। शिविर के संयोजक जयपाल सिंह नेगी ने कहा कि रक्तदान महादान है और इसको लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है। संयोजक ने आश्वासन दिया कि किसी भी मरीज या तीमारदार को जब भी जरूरत होगी, उनको तत्काल रक्त मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा। रक्तदान शिविर में जोगेंद्र रावत, सुमित शर्मा, योगेंद्र भदौरिया, संदीप कुमार, फरीद अहमद, मनोज कुमार, रवींद्र, प्रदीप नौटियाल, श्रीराम, मदन, जमीर, नीमा कठैत, सुमन, प्रियांक, कुशवाह आदि ने हिस्सा लिया।
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