{"_id":"5ac7d3274f1c1ba9618b5edd","slug":"131523045159-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मूट कोर्ट में दी एंटी रोमियों स्कॉट की वैधानिकता को चुनौती लॉ कॉलेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मूट कोर्ट में दी एंटी रोमियों स्कॉट की वैधानिकता को चुनौती लॉ कॉलेज
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के विधि संकाय लॉ कॉलेज में शुक्रवार को हाईकोर्ट जैसा नजारा देखने को मिला। मौका था सुशीला देवी मेमोरियल मूट कोर्ट प्रतियोगिता का, जिसमें उत्तर प्रदेश में गठित एंटी रोमियो सेल के पक्ष-विपक्ष में जोरदार बहस हुई। सर्वश्रेष्ठ बहस के आधार पर पायकर मुस्तफ ा, जैसमीन कौर, अली जमन जैदी विजेता और अनन्या भट्ट, नीरा सीनम एवं ट्विंकल पुरोहित उपविजेता रहीं। जबकि, मौसम शर्मा सर्वश्रेष्ठ पुरुष अधिवक्ता और साक्षी अग्रवाल सर्वश्रेष्ठ महिला अधिवक्ता रहीं।
मूट कोर्ट प्रतियोगिता में 60 टीमों ने प्रतिभाग किया। अंतिम मुकाबले में एंटी रोमियो स्क्वॉयड की वैधानिकता एवं पुलिस कार्यप्रणाली से संबंधित याचिका पर आधारित समस्या पर बहस कराई गई। रोचक मुकाबले में वास्तविक हाईकोर्ट जैसा मुकाबला देखने को मिला। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार की ओर से गठित एंटी रोमियो सेल और उसकी कार्यप्रणाली न केवल संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं जीवन के अधिकार का हनन है, बल्कि सरकार की मनमानी कार्रवाई भी है। जबकि सरकारी वकील के रूप में पैरवी कर रहे छात्रों ने महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और नैतिक पुलिस का हवाला दिया।
नैनीताल हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार जनरल वीके माहेश्वरी, लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश बहुगुणा, डॉ. पूनम रावत जज की भूमिका में रहे। प्रतियोगिता में करिश्मा अग्रवाल और गुनीत कौर को सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल एवं सोनक पोद्दार पोद्दार को सर्वश्रेष्ठ रिर्सचर घोषित किया गया। विवि के कुलपति प्रो एनके जोशी, निदेशक डॉ. अभिषेक जोशी, डॉ. अनिल दीक्षित, कुलजीत सिंह, प्रवीन लखेड़ा, अंबर श्रीवास्तव, कुमार आशुतोष, डॉ. जितेंद्र सिंह, वी भुवनेश्वरी, रजित शर्मा, डॉ. प्रभा लामा, अंजुम परवेज, डॉ. सुशिम शुक्ला, डॉ. जेएस ओझा, सुखविंदर सिंह, नावेद अख्तर, डॉ. राजीव कुमार सिंह, उज्ज्वल कुमार सिंह, रमाकांत त्रिपाठी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के विधि संकाय लॉ कॉलेज में शुक्रवार को हाईकोर्ट जैसा नजारा देखने को मिला। मौका था सुशीला देवी मेमोरियल मूट कोर्ट प्रतियोगिता का, जिसमें उत्तर प्रदेश में गठित एंटी रोमियो सेल के पक्ष-विपक्ष में जोरदार बहस हुई। सर्वश्रेष्ठ बहस के आधार पर पायकर मुस्तफ ा, जैसमीन कौर, अली जमन जैदी विजेता और अनन्या भट्ट, नीरा सीनम एवं ट्विंकल पुरोहित उपविजेता रहीं। जबकि, मौसम शर्मा सर्वश्रेष्ठ पुरुष अधिवक्ता और साक्षी अग्रवाल सर्वश्रेष्ठ महिला अधिवक्ता रहीं।
मूट कोर्ट प्रतियोगिता में 60 टीमों ने प्रतिभाग किया। अंतिम मुकाबले में एंटी रोमियो स्क्वॉयड की वैधानिकता एवं पुलिस कार्यप्रणाली से संबंधित याचिका पर आधारित समस्या पर बहस कराई गई। रोचक मुकाबले में वास्तविक हाईकोर्ट जैसा मुकाबला देखने को मिला। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार की ओर से गठित एंटी रोमियो सेल और उसकी कार्यप्रणाली न केवल संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं जीवन के अधिकार का हनन है, बल्कि सरकार की मनमानी कार्रवाई भी है। जबकि सरकारी वकील के रूप में पैरवी कर रहे छात्रों ने महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और नैतिक पुलिस का हवाला दिया।
विज्ञापन
नैनीताल हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार जनरल वीके माहेश्वरी, लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश बहुगुणा, डॉ. पूनम रावत जज की भूमिका में रहे। प्रतियोगिता में करिश्मा अग्रवाल और गुनीत कौर को सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल एवं सोनक पोद्दार पोद्दार को सर्वश्रेष्ठ रिर्सचर घोषित किया गया। विवि के कुलपति प्रो एनके जोशी, निदेशक डॉ. अभिषेक जोशी, डॉ. अनिल दीक्षित, कुलजीत सिंह, प्रवीन लखेड़ा, अंबर श्रीवास्तव, कुमार आशुतोष, डॉ. जितेंद्र सिंह, वी भुवनेश्वरी, रजित शर्मा, डॉ. प्रभा लामा, अंजुम परवेज, डॉ. सुशिम शुक्ला, डॉ. जेएस ओझा, सुखविंदर सिंह, नावेद अख्तर, डॉ. राजीव कुमार सिंह, उज्ज्वल कुमार सिंह, रमाकांत त्रिपाठी मौजूद रहे।
विज्ञापन