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आठ सूत्री मांगों को लेकर ठेकेदारों का अनशन शुरू
Updated Sun, 18 Feb 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला /देहरादून।
आठ सूत्री मांगों को लेकर देहरादून ठेकेदार कल्याण समिति के बैनर तले ठेकेदारों ने शनिवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। यमुना कॉलोनी स्थित लोनिवि कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठे सदस्यों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया।
यमुना कॉलोनी स्थित लोनिवि कार्यालय के बाहर शनिवार को क्रमिक अनशन पर समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह पुंडीर, महासचिव राजेंद्र सिंह कुंवर, अशोक चौधरी, बिजेंद्र सिंह और तेजवीर मलिक बैठे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ठेकेदारों की आठ सूत्री मांगें पूरी नहीं कर रहा है, जबकि पिछले वर्ष ठेकेदारों और काबीना मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान के बीच बातचीत भी हुई थी। इसके बाद ठेकेदारों ने अपना धरना खत्म कर दिया था, लेकिन सरकार ने अभी तक मांगें पूरी नहीं की हैं। इस मौके पर योगेश, भूपेंद्र थापली, हरिप्रकाश शर्मा, संपूर्णानंद पैन्यूली, राकेश पांडे, कमल शर्मा, दीपक चौहान, राजीव अग्रवाल, अरुण, चमन पुंडीर, रमेश कठैत, सूरज, भीम सिंह आदि मौजूद रहे।
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ठेकेदारों की मांगें
- पंजीकरण के वर्गीकरण के मानक पूर्व की तरह रहें और इसकी वैद्यता पांच वर्ष की जाए।
- बड़े टेंडरों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा जाए, जिससे स्थानीय ठेकेदारों को काम मिल सके।
- सभी विभागों के विभिन्न मदों का लंबित भुगतान जल्द हो, सिंचाई विभाग के वर्ष 2013-14 के स्वीकृत कार्यों का रुका भुगतान किया जाए।
- एक करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की ही ई-टेंडरिंग की जाए।
- एसओआर की दरें की बढ़ाई जाएं, विभागीय कमेटी में ठेकेदारों के प्रतिनिधि मंडल को साथ बैठाकर इसे संशोधित किया जाए।
- ऑफलाइन भुगतान के समय का जमानत राशि के करोड़ों रुपये ठेकेदारों को जल्द वापस हों।
- जीएसटी लागू होने से पहले हुए अनुबंध का भुगतान अनुबंध के मुताबिक किया जाए, इसमें जीएसटी नहीं काटा जाए।
- समय वृद्धि, एक्सट्रा आइटम तथा वेरिएशन पूर्व की जीपीडब्ल्यू 9 के मुताबिक हो।
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आठ सूत्री मांगों को लेकर देहरादून ठेकेदार कल्याण समिति के बैनर तले ठेकेदारों ने शनिवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। यमुना कॉलोनी स्थित लोनिवि कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठे सदस्यों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया।
यमुना कॉलोनी स्थित लोनिवि कार्यालय के बाहर शनिवार को क्रमिक अनशन पर समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह पुंडीर, महासचिव राजेंद्र सिंह कुंवर, अशोक चौधरी, बिजेंद्र सिंह और तेजवीर मलिक बैठे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ठेकेदारों की आठ सूत्री मांगें पूरी नहीं कर रहा है, जबकि पिछले वर्ष ठेकेदारों और काबीना मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान के बीच बातचीत भी हुई थी। इसके बाद ठेकेदारों ने अपना धरना खत्म कर दिया था, लेकिन सरकार ने अभी तक मांगें पूरी नहीं की हैं। इस मौके पर योगेश, भूपेंद्र थापली, हरिप्रकाश शर्मा, संपूर्णानंद पैन्यूली, राकेश पांडे, कमल शर्मा, दीपक चौहान, राजीव अग्रवाल, अरुण, चमन पुंडीर, रमेश कठैत, सूरज, भीम सिंह आदि मौजूद रहे।
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ठेकेदारों की मांगें
- पंजीकरण के वर्गीकरण के मानक पूर्व की तरह रहें और इसकी वैद्यता पांच वर्ष की जाए।
- बड़े टेंडरों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा जाए, जिससे स्थानीय ठेकेदारों को काम मिल सके।
- सभी विभागों के विभिन्न मदों का लंबित भुगतान जल्द हो, सिंचाई विभाग के वर्ष 2013-14 के स्वीकृत कार्यों का रुका भुगतान किया जाए।
- एक करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की ही ई-टेंडरिंग की जाए।
- एसओआर की दरें की बढ़ाई जाएं, विभागीय कमेटी में ठेकेदारों के प्रतिनिधि मंडल को साथ बैठाकर इसे संशोधित किया जाए।
- ऑफलाइन भुगतान के समय का जमानत राशि के करोड़ों रुपये ठेकेदारों को जल्द वापस हों।
- जीएसटी लागू होने से पहले हुए अनुबंध का भुगतान अनुबंध के मुताबिक किया जाए, इसमें जीएसटी नहीं काटा जाए।
- समय वृद्धि, एक्सट्रा आइटम तथा वेरिएशन पूर्व की जीपीडब्ल्यू 9 के मुताबिक हो।