फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   13 teachers will be relieved in WIT

डब्ल्यूआईटी में 13 शिक्षक होंगे कार्यमुक्त

Sun, 28 Feb 2021 12:46 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 12:46 AM IST
विज्ञापन
13 teachers will be relieved in WIT
राजधानी के शीर्ष सरकारी तकनीकी संस्थान डब्ल्यूआईटी (महिला तकनीकी संस्थान) में टेक्यूप (टेक्निकल एजुकेशन क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम) के तहत मिले 13 शिक्षकों की सेवाएं 31 मार्च को खत्म हो जाएंगी। इससे पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे संस्थान के कई विभागों में संकट गहरा जाएगा।
विज्ञापन

दरअसल, डब्ल्यूआईटी में वर्तमान में 12-13 शिक्षक ही स्थायी हैं। जबकि, वर्ष 2018 में टेक्यूप के तहत केंद्र सरकार के माध्यम से डब्ल्यूआईटी को 13 शिक्षक मिले थे। ये सभी आईआईटी व एनआईटी से थे। इनमें कई एक से 10 शीर्ष रैंक वाले शिक्षक भी शामिल थे। इसके बाद संस्थान में तेजी से कार्य हुए। संस्थान में फिजिक्स, केमिस्ट्री, लैंगुएज व अन्य विभागों की लैब का निर्माण कराया, जिसका छात्राओं को लाभ मिला। कई अन्य लैब को आधुनिक बनाया। अब इन शिक्षकों का जाना संस्थान एवं तकनीकी छात्राओं के लिए बड़ा झटका होगा। इससे छात्राओं में खासी मायूसी भी है।
विज्ञापन

---
संस्थान में कई पद पड़े हैं रिक्त
डब्ल्यूआईटी में शिक्षकों की कमी बड़ी समस्या है। कई पद रिक्त पड़ें हैं। इन पदों पर टेक्यूप के शिक्षकों को मौका देने पर विचार भी नहीं किया गया। टेक्यूप के शिक्षकों का कहना है कि केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार के एमओयू में शिक्षक को तीन साल के टेक्यूप प्रोग्राम के दौरान सेवा पर रखा जाना था, लेकिन इसमें यह भी जिक्र है कि अगर किसी राज्य में शिक्षक की जरूरत हो तो टेक्यूप शिक्षकों को लिया जा सकता है। उन्हें अन्य राज्यों के संस्थानों में भी सेवा के विकल्प थे, लेकिन उन्होंने डब्ल्यूआईटी को चुना। कहा कि अब उनका भविष्य अधर में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
ये कार्य होंगे प्रभावित
- इलेक्ट्रीकल विभाग में अभी 4 शिक्षक हैं, जो टेक्यूप से हैं। इनके जाने के बाद यहां कक्षाएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी। कुछ ऐसा ही हाल केमिस्ट्री व फिजिक्स विभाग में भी है। इन्हीं में से कई शिक्षक विभागाध्यक्ष भी हैं।
- ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) व केंद्रीय मंत्रालय से स्पॉन्सर टेक्यूप के तहत 7 प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनकी लागत 94 लाख है। इनमें से 6 प्रोजेक्ट टेक्यूप शिक्षकोेें के हैं। ये अंतिम चरण में हैं। शिक्षकों के जाने से न तो ये प्रोजेक्ट पूरे हो सकेंगे और न ही इन उपकरणों का संस्थान को लाभ मिल सकेगा।

- इन शिक्षकों को लैब का लंबा अनुभव है। इनके जाने से छात्राओं को लैब का लाभ कम मिलेगा।
----
31 मार्च को टेक्यूप की समयावधि पूरी हो जाएगी। टेक्यूप के शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने लैब निर्माण एवं आधुनिकीकरण में अहम भूमिका निभाई है। - प्रो. एनएस चौधरी, कुलपति, यूटीयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed