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Dehradun News: 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त 13 पुलियाओं को मरम्मत का इंतजार
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वर्ष 2013 की आपदा के दौरान साहिया क्षेत्र में टूटी और क्षतिग्रस्त हुई 13 पुलियाओं की अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। बारिश में अमलवा नदी और खड के उफान पर आने पर स्थानीय ग्रामीण जान हथेली पर रखकर टूटी और क्षतिग्रस्त पुलियाओं से आवाजाही करते हैं। वहीं बरसात में बच्चों को स्कूल जाने के लिए छह से सात किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। स्थानीय लोग पुलियाओं की मरम्मत न होने के लिए विभाग और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा को जिम्मेदार मानते हैं।
वर्ष 2013-14 में आई आपदा के चलते साहिया अमलवा नदी और विभिन्न खड पर बनी 13 पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। अमलवा झडवाला, शंभू की चौकी, तारली खेड़ा पुलिया नदी के तीव्र बहाव में बह गई थीं। वहीं मोखाड खड में दो पुलिया, चरगाड खड में एक, सुईनाड खड में दो, गढेता खड में तीन, बन्तोऊ खड में एक, बसाया खड की पुलिया को काफी नुकसान पहुंचा था
स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान, अनिल सिंह, तोमर, जनक सिंह तोमर, खजान सिंह राठौर, मोहर सिंह ने कहा कि आपदा के नौ साल बीतने के बाद भी आम रास्तों की टूटी और क्षतिग्रस्त पुलियाओं की अब तक निर्माण और मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। कहा कि विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई भी उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
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कहा कि विभागों और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का खमियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। बरसात के दौरान टूटी और क्षतिग्रस्त पुलियाओं पर आवाजाही के चलते दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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वर्जन
टूटी और क्षतिग्रस्त पुलियाओं के मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। आगामी बोर्ड बैठक में संबंधित जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लेकर अधिकारियों को पुलियाओं के निर्माण और मरम्मत के एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रस्ताव मिलते ही शासन को भेज दिए जाएंगे। स्वीकृति मिलने के साथ निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - मटोर सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख, कालसी
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वर्ष 2013-14 में आई आपदा के चलते साहिया अमलवा नदी और विभिन्न खड पर बनी 13 पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। अमलवा झडवाला, शंभू की चौकी, तारली खेड़ा पुलिया नदी के तीव्र बहाव में बह गई थीं। वहीं मोखाड खड में दो पुलिया, चरगाड खड में एक, सुईनाड खड में दो, गढेता खड में तीन, बन्तोऊ खड में एक, बसाया खड की पुलिया को काफी नुकसान पहुंचा था
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स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान, अनिल सिंह, तोमर, जनक सिंह तोमर, खजान सिंह राठौर, मोहर सिंह ने कहा कि आपदा के नौ साल बीतने के बाद भी आम रास्तों की टूटी और क्षतिग्रस्त पुलियाओं की अब तक निर्माण और मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। कहा कि विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई भी उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
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कहा कि विभागों और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का खमियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। बरसात के दौरान टूटी और क्षतिग्रस्त पुलियाओं पर आवाजाही के चलते दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
वर्जन
टूटी और क्षतिग्रस्त पुलियाओं के मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। आगामी बोर्ड बैठक में संबंधित जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लेकर अधिकारियों को पुलियाओं के निर्माण और मरम्मत के एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रस्ताव मिलते ही शासन को भेज दिए जाएंगे। स्वीकृति मिलने के साथ निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - मटोर सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख, कालसी