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सरकारी अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
Updated Tue, 13 Nov 2018 02:00 AM IST
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सरकारी अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून अस्पताल, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल में सोमवार को मरीजोें की भीड़ रही। भीड़ के चलते डॉक्टरों से जांच कराने के लिए मरीजाें को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई मरीज भारी भीड़ देखकर बगैर इलाज कराए ही लौट गए।
सबसे अधिक मारामारी दून अस्पताल में रही। यहां मरीजों की भीड़ देखी गई। अस्पताल में सोमवार को करीब 2400 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जिसमें से 1989 मरीजों की जांच हो पाई, जबकि बाकी मरीज इलाज कराए बगैर ही लौट गए तो बाद में इलाज कराने आएंगे। दून अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके टम्टा ने बताया कि अस्पताल में 92 गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया गया, जिनका इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा कई दिन बाद अस्पताल में मरीजाें की भारी भीड़ रही जिसकी वजह से स्टॉफ को खासी दिक्कतें हुईं लेकिन स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। इस दौरान कई बार हंगामे के हालात भी बने लेकिन कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर व्यवस्था बनाए रखी।
दूसरी ओर कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल में अन्य दिनों की तुलना में डेढ़ गुना अधिक मरीज पहुंचे। सीएमएस डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि कोरोनेशन अस्पताल में सोमवार को 1500 मरीज इलाज कराने पहुंचे, जबकि अन्य दिनों में अस्पताल में करीब एक हजार के मरीज आते हैं। कमोवेश यही स्थिति गांधी शताब्दी अस्पताल में रही। जहां दो हजार मरीज इलाज कराने पहुंचे। नेत्र संस्थान में 100 मरीजों का इलाज किया गया। जिसमें से कई ऐसे थे जो दिवाली में आतिशबाजी करते समय चोटिल हो गए थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून अस्पताल, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल में सोमवार को मरीजोें की भीड़ रही। भीड़ के चलते डॉक्टरों से जांच कराने के लिए मरीजाें को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई मरीज भारी भीड़ देखकर बगैर इलाज कराए ही लौट गए।
सबसे अधिक मारामारी दून अस्पताल में रही। यहां मरीजों की भीड़ देखी गई। अस्पताल में सोमवार को करीब 2400 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जिसमें से 1989 मरीजों की जांच हो पाई, जबकि बाकी मरीज इलाज कराए बगैर ही लौट गए तो बाद में इलाज कराने आएंगे। दून अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके टम्टा ने बताया कि अस्पताल में 92 गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया गया, जिनका इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा कई दिन बाद अस्पताल में मरीजाें की भारी भीड़ रही जिसकी वजह से स्टॉफ को खासी दिक्कतें हुईं लेकिन स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। इस दौरान कई बार हंगामे के हालात भी बने लेकिन कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर व्यवस्था बनाए रखी।
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दूसरी ओर कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल में अन्य दिनों की तुलना में डेढ़ गुना अधिक मरीज पहुंचे। सीएमएस डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि कोरोनेशन अस्पताल में सोमवार को 1500 मरीज इलाज कराने पहुंचे, जबकि अन्य दिनों में अस्पताल में करीब एक हजार के मरीज आते हैं। कमोवेश यही स्थिति गांधी शताब्दी अस्पताल में रही। जहां दो हजार मरीज इलाज कराने पहुंचे। नेत्र संस्थान में 100 मरीजों का इलाज किया गया। जिसमें से कई ऐसे थे जो दिवाली में आतिशबाजी करते समय चोटिल हो गए थे।
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