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कैंट बोर्ड की जमीन पर बने स्पोर्ट्स काम् प्लेक्स
Updated Sun, 22 Apr 2018 02:40 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को प्रीतम रोड स्थित कार्यालय में कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने बोर्ड के विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टर्नर रोड स्थित कैंट बोर्ड की खाली जमीन पर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने समेत 11 सूत्री समस्याओं का ज्ञापन बोर्ड के सीईओ को दिया। ज्ञापन को केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजा जाएगा। कैंटों की समस्याओं को लेकर वह चार मई को 62 कैंट क्षेत्र के सांसदों के साथ बैठक करेंगी।
महानिदेशक रक्षा संपदा की ओर से सभी कैंट बोर्ड के सीईओ को पत्र जारी किया गया है। जिसमें उन्हें अपने क्षेत्र के सांसद से मिलकर प्रमुख समस्याओं को लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में शनिवार को हरिद्वार सांसद ने कैंट बोर्ड के सीईओ समीर इस्लाम और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। सांसद ने सीईओ को 11 सूत्री समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। सीईओ ने बताया कि ज्ञापन को केंद्रीय रक्षा मंत्री को भेजा जाएगा, जिस पर वह चार मई को होने वाली बैठक में चर्चा करेंगी। इस दौरान सभासद भूपिंदर कंडारी, सुनील कुमार, बीना नौटियाल, मो. यासीन, सांसद प्रतिनिधि महेश पांडे आदि मौजूद रहे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
-वार्ड-5 व 6 में डकोटा, मोथरोवाला, दौड़वाला के सिविल क्षेत्रों में आवासीय भवनों के नक्शे पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए।
- कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन कार्यालय में कर्मचारी, अध्यापकों एवं ग्रुप डी के पदों की भर्ती हो।
- मछली तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए करीब पांच करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो।
- गली नं. एक टर्नर रोड में कैंट बोर्ड की जमीन पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाए।
- कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन में विकास कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के अवशेष अनुदान को जारी किया जाए।
- प्रतिबंधित क्षेत्रों में रक्षा अधिनियम के अंतर्गत निर्माण कार्यों की एनओजी जारी की जाए।
- कैंट बोर्ड में भवन निर्माण के लिए एमडीडीए की नियमावली लागू हो।
- रक्षा मंत्रालय द्वारा सर्विस चार्ज (सेवा प्रभार) मांग के अनुरूप आवंटित किया जाए।
- कैंट को केंद्रीय और राज्य सरकार की सामाजिक क्षेत्र की मुख्य योजनाएं जैसे बीपीएल कार्ड आदि जारी किया जाए।
- कैंट क्षेत्र में सेना बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्य मार्गों को बंद नहीं किया जाए।
- मछली तालाब के पास सेना की जमीन पर 20 साल हो रहे दशहरे मेले की अनुमति पूर्व की तरह दी जाए।
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पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को प्रीतम रोड स्थित कार्यालय में कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने बोर्ड के विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टर्नर रोड स्थित कैंट बोर्ड की खाली जमीन पर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने समेत 11 सूत्री समस्याओं का ज्ञापन बोर्ड के सीईओ को दिया। ज्ञापन को केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजा जाएगा। कैंटों की समस्याओं को लेकर वह चार मई को 62 कैंट क्षेत्र के सांसदों के साथ बैठक करेंगी।
महानिदेशक रक्षा संपदा की ओर से सभी कैंट बोर्ड के सीईओ को पत्र जारी किया गया है। जिसमें उन्हें अपने क्षेत्र के सांसद से मिलकर प्रमुख समस्याओं को लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में शनिवार को हरिद्वार सांसद ने कैंट बोर्ड के सीईओ समीर इस्लाम और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। सांसद ने सीईओ को 11 सूत्री समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। सीईओ ने बताया कि ज्ञापन को केंद्रीय रक्षा मंत्री को भेजा जाएगा, जिस पर वह चार मई को होने वाली बैठक में चर्चा करेंगी। इस दौरान सभासद भूपिंदर कंडारी, सुनील कुमार, बीना नौटियाल, मो. यासीन, सांसद प्रतिनिधि महेश पांडे आदि मौजूद रहे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
-वार्ड-5 व 6 में डकोटा, मोथरोवाला, दौड़वाला के सिविल क्षेत्रों में आवासीय भवनों के नक्शे पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए।
- कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन कार्यालय में कर्मचारी, अध्यापकों एवं ग्रुप डी के पदों की भर्ती हो।
- मछली तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए करीब पांच करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो।
- गली नं. एक टर्नर रोड में कैंट बोर्ड की जमीन पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाए।
- कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन में विकास कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के अवशेष अनुदान को जारी किया जाए।
- प्रतिबंधित क्षेत्रों में रक्षा अधिनियम के अंतर्गत निर्माण कार्यों की एनओजी जारी की जाए।
- कैंट बोर्ड में भवन निर्माण के लिए एमडीडीए की नियमावली लागू हो।
- रक्षा मंत्रालय द्वारा सर्विस चार्ज (सेवा प्रभार) मांग के अनुरूप आवंटित किया जाए।
- कैंट को केंद्रीय और राज्य सरकार की सामाजिक क्षेत्र की मुख्य योजनाएं जैसे बीपीएल कार्ड आदि जारी किया जाए।
- कैंट क्षेत्र में सेना बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्य मार्गों को बंद नहीं किया जाए।
- मछली तालाब के पास सेना की जमीन पर 20 साल हो रहे दशहरे मेले की अनुमति पूर्व की तरह दी जाए।