{"_id":"5b7f1f0e42c79246435d6f92","slug":"11535057678-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहब, मैने अतिक्रमण किया है इसे ध्वस्त करो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहब, मैने अतिक्रमण किया है इसे ध्वस्त करो
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
अतिक्रमण हटाओ अभियान में एक ओर जहां लगातार आपत्ति और विरोध दर्ज कराए जा रहे हैं वहीं एक मामला ऐसा भी है, जिसमें अतिक्रमणकारी ने खुद अर्जी लगाकर उसे ध्वस्त करने की गुहार लगाई है। इसके बावजूद प्रशासन अतिक्रमण हटाने में सुस्ती बरत रहा है। दरअसल, अतिक्रमण के दायरे में जो दुकान दर्शाई गई है वह किराए पर दी गई है। ऐसे में किराएदार मोहलत की आड़ में अभियान से छुटकारा पाना चाह रहा है तो दुकान मालिक इस फिराक में है कि ध्वस्तीकरण के बहाने किराएदार से पिंड छूट जाए।
हरिद्वार रोड स्थित एक दुकान के अतिक्रमण का यह अजीबोगरीब मामले 13 अगस्त को सामने आया। दुकान मालिक सुब्रतो घोष की अर्जी पर एमडीडीए ने आदेश दिया कि भूतल के अगले हिस्से में हुए निर्माण को ध्वस्त किया जाए। इसी क्रम में निर्देश हुआ कि 15 दिन के अंदर दुकान मालिक ने स्वयं निर्माण ध्वस्त नहीं किया तो टास्क फोर्स खुद कार्रवाई करेगी। इसके बाद अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत को लिखे पत्र में किराएदार कंवलजीत सिंह ने शिकायत की कि दुकान मालिक सुब्रतो घोष ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कराया है। कंवलजीत ने कहा कि मालिक ने मेरी किराएदारी एमडीडीए में नहीं दर्शाई है, जबकि मैं पिछले 10 वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहा हूं। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के दुकान मालिक ने फर्जी आधार पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी करवा लिया है।
इस पर आयुक्त ने आदेश जारी किया कि मौके की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस के साथ मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने जांच की। 19 अगस्त को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ कि किराएदार कंवलजीत सिंह 20 अगस्त तक दुकान खाली करेंगे और मालिक खुद अतिक्रमण हटाएंगे। इसी क्रम में दुकान मालिक सुब्रतो घोष जब जेसीबी मंगवाकर अतिक्रमण ध्वस्त करवाने लगे तो किराएदार के साथ बहस और हाथापाई की नौबत आ गई। वहीं, समझौता पत्र में दर्शाया गया है कि धवस्तीकरण आदेश के बाद पूर्व में भी किराएदार को पांच दिन की मोहलत दी गई थी। किराएदार और दुकान मालिक के बीच विवाद के चलते अतिक्रमण हट नहीं पा रहा है। मोहलत की मियाद भी कब की पूरी हो चुकी है। वहीं, एसडीएम प्रत्यूष सिंह का कहना है कि यदि दुकान अतिक्रमण के दायरे में है तो उसे जरूर ध्वस्त किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अतिक्रमण हटाओ अभियान में एक ओर जहां लगातार आपत्ति और विरोध दर्ज कराए जा रहे हैं वहीं एक मामला ऐसा भी है, जिसमें अतिक्रमणकारी ने खुद अर्जी लगाकर उसे ध्वस्त करने की गुहार लगाई है। इसके बावजूद प्रशासन अतिक्रमण हटाने में सुस्ती बरत रहा है। दरअसल, अतिक्रमण के दायरे में जो दुकान दर्शाई गई है वह किराए पर दी गई है। ऐसे में किराएदार मोहलत की आड़ में अभियान से छुटकारा पाना चाह रहा है तो दुकान मालिक इस फिराक में है कि ध्वस्तीकरण के बहाने किराएदार से पिंड छूट जाए।
हरिद्वार रोड स्थित एक दुकान के अतिक्रमण का यह अजीबोगरीब मामले 13 अगस्त को सामने आया। दुकान मालिक सुब्रतो घोष की अर्जी पर एमडीडीए ने आदेश दिया कि भूतल के अगले हिस्से में हुए निर्माण को ध्वस्त किया जाए। इसी क्रम में निर्देश हुआ कि 15 दिन के अंदर दुकान मालिक ने स्वयं निर्माण ध्वस्त नहीं किया तो टास्क फोर्स खुद कार्रवाई करेगी। इसके बाद अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत को लिखे पत्र में किराएदार कंवलजीत सिंह ने शिकायत की कि दुकान मालिक सुब्रतो घोष ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कराया है। कंवलजीत ने कहा कि मालिक ने मेरी किराएदारी एमडीडीए में नहीं दर्शाई है, जबकि मैं पिछले 10 वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहा हूं। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के दुकान मालिक ने फर्जी आधार पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी करवा लिया है।
विज्ञापन
इस पर आयुक्त ने आदेश जारी किया कि मौके की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस के साथ मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने जांच की। 19 अगस्त को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ कि किराएदार कंवलजीत सिंह 20 अगस्त तक दुकान खाली करेंगे और मालिक खुद अतिक्रमण हटाएंगे। इसी क्रम में दुकान मालिक सुब्रतो घोष जब जेसीबी मंगवाकर अतिक्रमण ध्वस्त करवाने लगे तो किराएदार के साथ बहस और हाथापाई की नौबत आ गई। वहीं, समझौता पत्र में दर्शाया गया है कि धवस्तीकरण आदेश के बाद पूर्व में भी किराएदार को पांच दिन की मोहलत दी गई थी। किराएदार और दुकान मालिक के बीच विवाद के चलते अतिक्रमण हट नहीं पा रहा है। मोहलत की मियाद भी कब की पूरी हो चुकी है। वहीं, एसडीएम प्रत्यूष सिंह का कहना है कि यदि दुकान अतिक्रमण के दायरे में है तो उसे जरूर ध्वस्त किया जाएगा।
विज्ञापन