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पीएफएमएस से एमडीडीए के कार्यों में आएगी तेजी
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून मसूरी विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में विकास कार्यों की स्वीकृति, इस्टीमेट और मॉनीटरिंग अब पीएफएमएस (प्रोेजेेक्ट फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को प्राधिकरण में प्रोजेक्ट फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम का शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि पीएफएमएस लागू होने के बाद कार्यों में पारदर्शिता के साथ तेजी भी आएगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीएफएमएस के लागू होने के बाद अब विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति, विकास कार्यों का इस्टीमेट इसी साफ्टवेयर के माध्यम से तैयार होंगे। सभी शेड्यूल ऑफ रेट्स पीएफएमएस पर उपलब्ध रहेंगे। इसी सिस्टम के जरिए प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग जियो टैग तकनीक से हो सकेगी। वहीं कार्यों की एमबी, टेंडर प्रक्रिया, कार्यदायी संस्था को भुगतान भी सॉफ्टवेयर के जरिए हो सकेगा। इसके लिए लेखा अनुभाग को भी साफ्टवेयर से जोड़ दिया गया है। प्रोजेक्ट के शुभारंभ मौके पर सचिव पीसी दुम्का, संयुक्त सचिव, शैलेंद्र सिंह नेगी, अधिशासी अभियंता अनिल त्यागी, अनुसचिव अनुजा सिंह, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर संजीवन चंद्र सूंठा समेत कई अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
अफसरों ने बरती शिथिलता तो बंद हो जाएगा कंप्यूटर
प्रोजेक्ट फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने के बाद लापरवाह अफसरों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा। विशेष सॉफ्टवेयर द्वारा प्रत्येक कार्य का प्रगति का विवरण उच्चाधिकारियों को उनके कंप्यूटर पर उपलब्ध रहेगा तथा विलंब होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी का कंप्यूटर लाग इन ब्लॉक हो जाएगा। इसे प्राधिकरण उपाध्यक्ष की पुन: स्वीकृति के बाद ही संचालित किया जा सकेगा।
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देहरादून मसूरी विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में विकास कार्यों की स्वीकृति, इस्टीमेट और मॉनीटरिंग अब पीएफएमएस (प्रोेजेेक्ट फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को प्राधिकरण में प्रोजेक्ट फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम का शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि पीएफएमएस लागू होने के बाद कार्यों में पारदर्शिता के साथ तेजी भी आएगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीएफएमएस के लागू होने के बाद अब विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति, विकास कार्यों का इस्टीमेट इसी साफ्टवेयर के माध्यम से तैयार होंगे। सभी शेड्यूल ऑफ रेट्स पीएफएमएस पर उपलब्ध रहेंगे। इसी सिस्टम के जरिए प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग जियो टैग तकनीक से हो सकेगी। वहीं कार्यों की एमबी, टेंडर प्रक्रिया, कार्यदायी संस्था को भुगतान भी सॉफ्टवेयर के जरिए हो सकेगा। इसके लिए लेखा अनुभाग को भी साफ्टवेयर से जोड़ दिया गया है। प्रोजेक्ट के शुभारंभ मौके पर सचिव पीसी दुम्का, संयुक्त सचिव, शैलेंद्र सिंह नेगी, अधिशासी अभियंता अनिल त्यागी, अनुसचिव अनुजा सिंह, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर संजीवन चंद्र सूंठा समेत कई अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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अफसरों ने बरती शिथिलता तो बंद हो जाएगा कंप्यूटर
प्रोजेक्ट फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने के बाद लापरवाह अफसरों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा। विशेष सॉफ्टवेयर द्वारा प्रत्येक कार्य का प्रगति का विवरण उच्चाधिकारियों को उनके कंप्यूटर पर उपलब्ध रहेगा तथा विलंब होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी का कंप्यूटर लाग इन ब्लॉक हो जाएगा। इसे प्राधिकरण उपाध्यक्ष की पुन: स्वीकृति के बाद ही संचालित किया जा सकेगा।
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