{"_id":"5ace41854f1c1b813d8b49e5","slug":"11523466629-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमएचआरडी के निर्देश पर गढ़वाल विवि ने साधी चुप्पी, जानिए क्यों?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमएचआरडी के निर्देश पर गढ़वाल विवि ने साधी चुप्पी, जानिए क्यों?
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
श्रीनगर। वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की जांच किए जाने के एमएचआरडी के निर्देश पर विवि प्रशासन ने चुप्पी साधी हुई है। मंत्रालय ने विवि के कुलसचिव को पत्र भेजकर विश्वविद्यालय में हुई वित्तीय अनियमितताओं की अपने स्तर से जांच कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि कुलसचिव ने ऐसा कोई निर्देश या पत्र मिलने से साफ इंकार किया है।
गढ़वाल विवि में विभिन्न वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत गढ़वाल विवि के ही कुछ कर्मचारियों ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से की थी। आयोग ने मुख्य सतर्कता अधिकारी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। विगत छह फरवरी को एमएचआरडी के उपसचिव सूरत सिंह ने गढ़वाल विवि के कुलसचिव को पत्र भेज अपने स्तर पर इन शिकायतों की जांच करने को कहा था। पत्र में कहा गया था कि जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई है, वह गढ़वाल विश्वविद्यालय के तहत आते हैं, लिहाजा विवि अपने स्तर से इन शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट आख्या एमएचआरडी को भी भेजे, लेकिन विवि प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में कोई जांच नहीं की है। वहीं विवि के कुलसचिव डा. एके झा ने एमएचआरडी की ओर से ऐसे कोई भी निर्देश या पत्र मिलने से साफ इंकार किया है।
विज्ञापन
गढ़वाल विवि में विभिन्न वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत गढ़वाल विवि के ही कुछ कर्मचारियों ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से की थी। आयोग ने मुख्य सतर्कता अधिकारी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। विगत छह फरवरी को एमएचआरडी के उपसचिव सूरत सिंह ने गढ़वाल विवि के कुलसचिव को पत्र भेज अपने स्तर पर इन शिकायतों की जांच करने को कहा था। पत्र में कहा गया था कि जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई है, वह गढ़वाल विश्वविद्यालय के तहत आते हैं, लिहाजा विवि अपने स्तर से इन शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट आख्या एमएचआरडी को भी भेजे, लेकिन विवि प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में कोई जांच नहीं की है। वहीं विवि के कुलसचिव डा. एके झा ने एमएचआरडी की ओर से ऐसे कोई भी निर्देश या पत्र मिलने से साफ इंकार किया है।
विज्ञापन