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फाइनल प्रकाशन के बाद तय होगा आरक्षण
Updated Fri, 09 Mar 2018 02:08 AM IST
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फाइनल प्रकाशन के बाद तय होगा आरक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मतदाता सूची में वोटरों के नाम काटने, जोड़ने और संशोधन संबंधी आपत्तियों की सुनवाई 12 मार्च तक चलेगी। इसके बाद ही मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। सूची तैयार होते ही नगर निगम में ओबीसी, अनुसूचित जाति एवं महिला मतदाताओं की संख्या के आधार पर वार्डों में आरक्षण लागू होगा।
नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी दलों, संभावित दावेदारों के साथ ही नगर निगम और स्थानीय प्रशासन भी तैयारियों में जुटा है। निगम प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम जुड़वाने, कटवाने एवं संशोधन के लिए 23 जनवरी से पांच मार्च तक बीएलओ स्तर पर घर घर जाकर अभियान चलाया गया। अभियान चलाने के बाद नगर निगम क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या छह लाख पहुंच गई। अभियान में भी कई वार्डों में मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज होने से छूट गए।
प्रशासन ने ऐसे लोगों से आपत्तियां मांगी ताकि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन से पहले संशोधन किया जा सके। नगर निगम में आपत्तियां दर्ज करवाने और निस्तारण के लिए काउंटर खोले गए हैं। अपर नगर आयुक्त आरके दयाल को इसका प्रभारी बनाया गया है। 12 मार्च इसकी आखिरी तिथि है। अपर नगर आयुक्त आरके दयाल के मुताबिक अधिकांश वार्डों से लोगों ने मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं होने की आपत्तियां लगाई हैं। करीब 20 हजार से अधिक आपत्तियां दर्ज हुई हैं।
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जिनका बीएलओ के जरिये सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। इस काम में 100 बीएलओ की ड्यूटी लगी है। अपर नगर आयुक्त के मुताबिक आपत्तियों के निस्तारण पूरा होने के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़कर करीब सवा छह लाख पहुंच सकती है। मतदाताओं की अंतिम सूची प्रकाशन के आधार पर शासन स्तर से आरक्षण लागू होगा।
कोट
- नगर निगम स्तर पर वार्ड आरक्षण को लेकर किसी तरह की रिपोर्ट नहीं बनी है। अभी मतदाता सूची ही फाइनल नहीं हो सकी है। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के बाद वार्डों में आरक्षण लागू किया जाएगा।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मतदाता सूची में वोटरों के नाम काटने, जोड़ने और संशोधन संबंधी आपत्तियों की सुनवाई 12 मार्च तक चलेगी। इसके बाद ही मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। सूची तैयार होते ही नगर निगम में ओबीसी, अनुसूचित जाति एवं महिला मतदाताओं की संख्या के आधार पर वार्डों में आरक्षण लागू होगा।
नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी दलों, संभावित दावेदारों के साथ ही नगर निगम और स्थानीय प्रशासन भी तैयारियों में जुटा है। निगम प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम जुड़वाने, कटवाने एवं संशोधन के लिए 23 जनवरी से पांच मार्च तक बीएलओ स्तर पर घर घर जाकर अभियान चलाया गया। अभियान चलाने के बाद नगर निगम क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या छह लाख पहुंच गई। अभियान में भी कई वार्डों में मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज होने से छूट गए।
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प्रशासन ने ऐसे लोगों से आपत्तियां मांगी ताकि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन से पहले संशोधन किया जा सके। नगर निगम में आपत्तियां दर्ज करवाने और निस्तारण के लिए काउंटर खोले गए हैं। अपर नगर आयुक्त आरके दयाल को इसका प्रभारी बनाया गया है। 12 मार्च इसकी आखिरी तिथि है। अपर नगर आयुक्त आरके दयाल के मुताबिक अधिकांश वार्डों से लोगों ने मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं होने की आपत्तियां लगाई हैं। करीब 20 हजार से अधिक आपत्तियां दर्ज हुई हैं।
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जिनका बीएलओ के जरिये सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। इस काम में 100 बीएलओ की ड्यूटी लगी है। अपर नगर आयुक्त के मुताबिक आपत्तियों के निस्तारण पूरा होने के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़कर करीब सवा छह लाख पहुंच सकती है। मतदाताओं की अंतिम सूची प्रकाशन के आधार पर शासन स्तर से आरक्षण लागू होगा।
कोट
- नगर निगम स्तर पर वार्ड आरक्षण को लेकर किसी तरह की रिपोर्ट नहीं बनी है। अभी मतदाता सूची ही फाइनल नहीं हो सकी है। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के बाद वार्डों में आरक्षण लागू किया जाएगा।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त