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डॉ. इरशाद कामिल को 10वां शैलेंद्र सम्मान
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:08 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
तुम जो आए जिंदगी में बात बन गई फेम बॉलीवुड के गीतकार डॉ. इरशाद कामिल को इस साल का शैलेंद्र सम्मान दिया जाएगा। सोमवार को केंद्रीय विद्यालय 1 में आयोजित हुई साहित्यकारों की बैठक में यह फैसला लिया गया। डॉ. शैलेंद्र की 95वीं पुण्यतिथि पर 30 अगस्त 2018 को इरशाद कामिल को यह पुरस्कार दिया जाएगा।
सोमवार को केंद्रीय विद्यालय 1 हाथीबड़कला मेें फिल्मी दुनिया के प्रसिद्ध गायक डॉ. सागर ने 10वें शैलेंद्र सम्मान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस साल यह अवार्ड प्रसिद्ध गीतकार डॉ. इरशाद कामिल को दिया जाएगा। शैलेंद्र मेमोरियल ट्रस्ट हर साल एक कवि/गीतकार को सम्मानित करता है। इस मौके पर डॉ. सागर ने कहा कि इरशाद कामिल अपने गीतों और कविताओं से शैलेंद्र और साहिर लुधियानवी की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। कथाकार जितेन ठाकुर ने कहा कि शैलेंद्र ने न केवल सुरुचिपूर्ण अर्थपूर्ण गीत लिखे हैं बल्कि तीसरी कसम जैसी कालजयी फिल्म बनाकर साहित्यिक कहानियों पर फिल्म निर्माण की स्वस्थ परंपरा की शुरुआत की है। बैठक में कथाकार सुभाष पंत ने कहा कि जिस तरह मुंशी प्रेमचंद कहानियों के जादूगर थे, वैसे ही शैलेंद्र गीतों के जादूगर थे। शैलेंद्र मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि शैलेंद्र के गीतों की तरह इरशाद के गीतों में भी आग और राग के रंग मौजूद हैं। इरशाद कामिल ने इश्क और इंकलाब के बेहतरीन गीत रचकर सामाजिक सरोकारों का परिचय दिया है। इरशाद कामिल ने रांझणा, सुलतान, आशिकी 2, तमाशा, लव आजकल, वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई, जब वी मेट, रॉकस्टार जैसी फिल्मों में अपने गीतों से सबके दिलों पर राज किया है। इस अवसर पर पद्मश्री लीलाधार जगूड़ी, कमल नारायण पटेल, फिल्म निर्माता पूरा राम, डॉ. राम विनय सिंह, प्रतिभा कटियार, रंजीता सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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इन्हें मिल चुका है यह अवार्ड
गुलजार, कैफी आजमी, नीरज, योगेश, गुलशन बावरा, प्रसून जोशी, संतोषनंद, निदा फाजली और स्वानंद किरकिरे।
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तुम जो आए जिंदगी में बात बन गई फेम बॉलीवुड के गीतकार डॉ. इरशाद कामिल को इस साल का शैलेंद्र सम्मान दिया जाएगा। सोमवार को केंद्रीय विद्यालय 1 में आयोजित हुई साहित्यकारों की बैठक में यह फैसला लिया गया। डॉ. शैलेंद्र की 95वीं पुण्यतिथि पर 30 अगस्त 2018 को इरशाद कामिल को यह पुरस्कार दिया जाएगा।
सोमवार को केंद्रीय विद्यालय 1 हाथीबड़कला मेें फिल्मी दुनिया के प्रसिद्ध गायक डॉ. सागर ने 10वें शैलेंद्र सम्मान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस साल यह अवार्ड प्रसिद्ध गीतकार डॉ. इरशाद कामिल को दिया जाएगा। शैलेंद्र मेमोरियल ट्रस्ट हर साल एक कवि/गीतकार को सम्मानित करता है। इस मौके पर डॉ. सागर ने कहा कि इरशाद कामिल अपने गीतों और कविताओं से शैलेंद्र और साहिर लुधियानवी की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। कथाकार जितेन ठाकुर ने कहा कि शैलेंद्र ने न केवल सुरुचिपूर्ण अर्थपूर्ण गीत लिखे हैं बल्कि तीसरी कसम जैसी कालजयी फिल्म बनाकर साहित्यिक कहानियों पर फिल्म निर्माण की स्वस्थ परंपरा की शुरुआत की है। बैठक में कथाकार सुभाष पंत ने कहा कि जिस तरह मुंशी प्रेमचंद कहानियों के जादूगर थे, वैसे ही शैलेंद्र गीतों के जादूगर थे। शैलेंद्र मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि शैलेंद्र के गीतों की तरह इरशाद के गीतों में भी आग और राग के रंग मौजूद हैं। इरशाद कामिल ने इश्क और इंकलाब के बेहतरीन गीत रचकर सामाजिक सरोकारों का परिचय दिया है। इरशाद कामिल ने रांझणा, सुलतान, आशिकी 2, तमाशा, लव आजकल, वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई, जब वी मेट, रॉकस्टार जैसी फिल्मों में अपने गीतों से सबके दिलों पर राज किया है। इस अवसर पर पद्मश्री लीलाधार जगूड़ी, कमल नारायण पटेल, फिल्म निर्माता पूरा राम, डॉ. राम विनय सिंह, प्रतिभा कटियार, रंजीता सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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इन्हें मिल चुका है यह अवार्ड
गुलजार, कैफी आजमी, नीरज, योगेश, गुलशन बावरा, प्रसून जोशी, संतोषनंद, निदा फाजली और स्वानंद किरकिरे।