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उतराखंड में नहीं मिलने दी जाएगी यूपी की एक इंच भी जमीन
Updated Tue, 27 Feb 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि उत्तरप्रदेश की एक इंच जमीन भी उत्तराखंड में शामिल नहीं होने दी जाएगी। उत्तराखंड की सीमा से छेड़छाड़ हुई तो उक्रांद प्रदेश भर में आंदोलन करेगी।
उक्रांद केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में दिवाकर भट्ट ने कहा कि भाजपा संगठन और सरकार के मुखिया उत्तरप्रदेश के भू भाग को उत्तराखंड में शामिल करने की बयानबाजी कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। कभी बिजनौर तो कभी सहारनपुर को उत्तराखंड का शामिल करने की बात कही जा रही है। उक्रांद इसका पुरजोर विरोध करेगा। दिवाकर भट्ट ने गैरसैंण राजधानी मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के लंबे संघर्षों और बलिदान की बदौलत अलग राज्य मिला है। गैरसैंण जन आंदोलन का केंद्र रहा है। राज्य गठन के 17 साल के बाद भी गैरसैंण स्थायी राजधानी नहीं बन सकी है। दिवाकर भट्ट ने कहा कि जनभावनाओं और विकास के दृष्टिकोण से वित्तीय सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित की जाए। इस दौरान उक्रांद के वरिष्ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह पंवार, बीडी रतूड़ी, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश उपाध्याय, डीएन टोडरिया और दीपक गैरोला मौजूद थे। इससे पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट के नेतृत्व में उक्रांद पदाधिकारियों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वित्तीय सत्र में गैरसैंण को राजधानी बनाने और उत्तर प्रदेश का भू भाग उत्तराखंड में शामिल करने का पुरजोर विरोध किया है।
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उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि उत्तरप्रदेश की एक इंच जमीन भी उत्तराखंड में शामिल नहीं होने दी जाएगी। उत्तराखंड की सीमा से छेड़छाड़ हुई तो उक्रांद प्रदेश भर में आंदोलन करेगी।
उक्रांद केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में दिवाकर भट्ट ने कहा कि भाजपा संगठन और सरकार के मुखिया उत्तरप्रदेश के भू भाग को उत्तराखंड में शामिल करने की बयानबाजी कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। कभी बिजनौर तो कभी सहारनपुर को उत्तराखंड का शामिल करने की बात कही जा रही है। उक्रांद इसका पुरजोर विरोध करेगा। दिवाकर भट्ट ने गैरसैंण राजधानी मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के लंबे संघर्षों और बलिदान की बदौलत अलग राज्य मिला है। गैरसैंण जन आंदोलन का केंद्र रहा है। राज्य गठन के 17 साल के बाद भी गैरसैंण स्थायी राजधानी नहीं बन सकी है। दिवाकर भट्ट ने कहा कि जनभावनाओं और विकास के दृष्टिकोण से वित्तीय सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित की जाए। इस दौरान उक्रांद के वरिष्ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह पंवार, बीडी रतूड़ी, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश उपाध्याय, डीएन टोडरिया और दीपक गैरोला मौजूद थे। इससे पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट के नेतृत्व में उक्रांद पदाधिकारियों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वित्तीय सत्र में गैरसैंण को राजधानी बनाने और उत्तर प्रदेश का भू भाग उत्तराखंड में शामिल करने का पुरजोर विरोध किया है।
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