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शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर सरकार का फोकस नहीं : नैथानी
Updated Fri, 19 Oct 2018 02:09 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पूर्व शिक्षा मंत्री एमपी नैथानी ने मौजूदा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाह रहने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और योजनाओं की बदहाली पर सख्त नाराजगी जताई।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व से चली आ रही कई कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया है। कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राओं के लिए चलाई जा रही साइकिल योजना को बजट नहीं दिया जा रहा है। एसटी, एससी छात्रों के वजीफे अब तक नहीं बांटे गए हैं। आधा सत्र बीतने के बावजूद स्कूलों में अभी तक किताबें भी नहीं पहुंच पाई है।
उन्होंने कहा कि एक्ट लागू कर केवल दस फीसदी तबादले करने का नियम बनाकर उत्तराखंड ने पूरे देश में अपना मजाक बनवाया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि विभाग में अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने का काम किया जा रहा है। नियम विरुद्ध ढंग से चहेतों को ट्रांसफर-पोस्टिंग का लाभ दिया जा रहा है।
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स्कूल की मान्यता निरस्त करे सरकार
बोर्डिंग स्कूल की गैंगरेप पीड़िता को प्रवेश देने से इनकार करने वाले स्कूल की मान्यता निरस्त होनी चाहिए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री प्रसाद ने कहा कि सरकार के पास ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। कोई स्कूल यदि इस तरह की असंवेदनशीलता दिखाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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पूर्व शिक्षा मंत्री एमपी नैथानी ने मौजूदा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाह रहने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और योजनाओं की बदहाली पर सख्त नाराजगी जताई।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व से चली आ रही कई कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया है। कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राओं के लिए चलाई जा रही साइकिल योजना को बजट नहीं दिया जा रहा है। एसटी, एससी छात्रों के वजीफे अब तक नहीं बांटे गए हैं। आधा सत्र बीतने के बावजूद स्कूलों में अभी तक किताबें भी नहीं पहुंच पाई है।
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उन्होंने कहा कि एक्ट लागू कर केवल दस फीसदी तबादले करने का नियम बनाकर उत्तराखंड ने पूरे देश में अपना मजाक बनवाया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि विभाग में अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने का काम किया जा रहा है। नियम विरुद्ध ढंग से चहेतों को ट्रांसफर-पोस्टिंग का लाभ दिया जा रहा है।
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स्कूल की मान्यता निरस्त करे सरकार
बोर्डिंग स्कूल की गैंगरेप पीड़िता को प्रवेश देने से इनकार करने वाले स्कूल की मान्यता निरस्त होनी चाहिए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री प्रसाद ने कहा कि सरकार के पास ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। कोई स्कूल यदि इस तरह की असंवेदनशीलता दिखाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।