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कार्ययोजना तो बनी, लेकिन नहीं भरे सड़कों के गड्ढे

Fri, 24 Aug 2018 02:24 AM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:24 AM IST
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कार्ययोजना तो बनी, लेकिन नहीं भरे सड़कों के गड्ढे
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी की सड़कों का इन दिनों बुरा हाल है। बारिश के चलते सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जो आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। वाहन चालकों को इससे परेशानी तो हो ही रही है, पैदल चलना भी दूभर हो गया है। वहीं, बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भरने से हालात और विकट हो जाते हैं। सड़कों को ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कार्ययोजना तो तैयार कर ली, लेकिन उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। ऐसे में शहरवासी सड़क के गड्ढों से परेशानीभरा सफर करने को मजबूर हैं। अमर उजाला संवाददाता ने शहर की मुख्य सड़कों की पड़ताल की तो यह हकीकत सामने आई...
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आईएसबीटी
आईएसबीटी स्थित फ्लाईओवर के नीचे की सड़क पर गड्ढों की भरमार है। सड़क पर सीवर का पानी भरा होने से गड्ढे नजर नहीं आते हैं। बीते एक महीने से भी अधिक समय हो चुका है, रोजाना इन गड्ढों की वजह से कई लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गड्ढों को भरने के लिए स्थानीय लोग कई बार जिलाधिकारी के साथ ही लोनिवि के अधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिला। पिछले दिनों डीएम ने यहां का निरीक्षण कर गड्ढे भरने के आदेश एनएच अधिकारियों को दिए थे, लेकिन गड्ढे अब भी जस के तस हैं।
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हरिद्वार बाईपास रोड
हरिद्वार बाईपास रोड पर गड्ढे वाहन चालकों के लिए समस्या बने हुए हैं। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के साथ ही कारगी चौक की ओर सड़क खस्ताहाल है। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। दिन में तो गड्ढे दिख जाते हैं, लेकिन रात में अंधेरा होने के चलते वाहन चालक गड्ढों के कारण अपना नियंत्रण खो बैठते हैं। बारिश के सीजन में इस रोड पर हादसों का खतरा बना हुआ है।
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शिमला बाईपास
शिमला बाईपास पर सेवलाखुर्द की ओर जाने वाली सड़क पर भी बड़ी संख्या में गड्ढे परेशानी का सबब बने हुए हैं। दोपहिया वाहन सवार अक्सर इनकी चपेट में आकर चोटिल हो रहे हैं। जल्द ही इन गड्ढों को नहीं भरा गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। लोनिवि के अधिकारी भी बरसात की बात कहकर सड़क को दुरुस्त नहीं कर रहे हैं।
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इन सड़कों का भी बुरा हाल
जीएमएस रोड, रेलवे स्टेशन, महाराजा अग्रसेन चौक और हरिद्वार रोड समेत शहर की अन्य सड़कें भी खस्ताहाल हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और बारिश होने पर इनमें पानी भर जाता है। दोपहिया वाहन सवार अक्सर इनकी चपेट में आकर चोटिल हो रहे हैं।
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खस्ताहाल सड़कों के लिए एडीबी भी जिम्मेदार
शहर की खस्ताहाल सड़कों के लिए एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) भी कम जिम्मेदार नहीं है। आईएसबीटी, जीएमएस रोड, शिमला बाईपास आदि जगहों पर सड़क बनने के बाद सीवर लाइन डालने का कार्य किया गया। इसके लिए सड़क तो खोद दी गई, लेकिन उसे सही तरीके से दुरुस्त नहीं किया गया। यही कारण है कि बरसात शुरू होते ही सड़कों पर गड्ढे हो गए। लोनिवि की ओर से कई बार एडीबी के अधिकारियों से सड़कों को दुरुस्त के लिए फंड देने को कहा गया, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि एडीबी के प्रोजेक्ट मैनेजर विनय मिश्रा कहते हैं कि लोनिवि को करीब चार महीने पहले धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। वहीं, लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अनिरुद्ध भंडारी का कहना है एडीबी की ओर से अभी तक कुछ ही सड़कों का भुगतान हुआ है। ज्यादातर सड़कों का भुगतान अभी बाकी है। इसी वजह से सड़कें अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई है।
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लगातार बारिश होने के कारण सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। बारिश रुकने का इंतजार किया जा रहा है। सितंबर के पहले सप्ताह से सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

-हरिओम शर्मा, मुख्य अभियंता, नेशनल हाईवे
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वैसे नेशनल हाईवे की हालात ज्यादा खराब है। शहर की जिन सड़कों की हालत खराब है, बारिश रुकने पर वहां गड्ढों को भरने का काम शुरू किया जाएगा। अगर गड्ढे अभी भरे गए तो बारिश होने पर वे फिर से बन जाएंगे। -राजेंद्र गोयल, चीफ इंजीनियर, लोनिवि देहरादून
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