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वृद्धा को झांसा देकर खरीद ली गांव की जमीन
Updated Fri, 05 Oct 2018 10:56 PM IST
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कोटद्वार। दुगड्डा ब्लाक के खोलकंडी गांव में एक वृद्धा को झांसा देकर लाखों रुपये की जमीन किसी और को बेचने का मामला प्रकाश में आया है। वृद्धा की मौत के बाद देहरादून में रह रहे परिजनों के विरासतन दाखिल खारिज कराने तहसील पहुंचने पर इसका खुलासा हुआ है। परेशान परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत एसडीएम कमलेश मेहता से की। एसडीएम ने मामले में जांच का भरोसा दिया है।
खोलकंडी निवासी विनोद सिंह राणा पुत्र स्व. रामचंद राणा एवं अन्य सह खातेदार सिद्दयेश राणा, नवीन सिंह राणा, कमलेश राणा, अकलेश सिंह, दिनेश सिंह, अमरीष सिंह राणा और नरदेव सिंह राणा ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर खोलकंडी गांव में जालसाजी से भूमि की खरीद-फरोख्त प्रकरण की जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि उनकी खोलकंडी में गोलखाते की कई नाली जमीन है। परिवार के सभी लोग देहरादून समेत अन्य शहरों में रहते हैं। गांव में विनोद की मां बचूली देवी रहती थी, जिनका निधन 21 अगस्त, 2018 को हो गया। कहा कि मां के देहांत के बाद परिजन जब गांव की जमीन का विरासतन दाखिल खारिज कराने कोटद्वार तहसील पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनकी जमीन तो दो साल पहले ही बिक चुकी है। कहा कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ लोगों ने जमीन कारोबारियों के साथ सांठगांठ कर उनकी 0.0480 हेक्टेयर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवा दी। रजिस्ट्री में उक्त भूमि तीन लाख, 46 हजार रुपये में बेचना दर्शाया गया है। रजिस्ट्री में 78 वर्षीय वृद्धा के अंगूठे के निशान दर्शाए गए हैं। उन्होंने इस मामले में क्षेत्र में सक्रिय कुछ जमीन के कारोबारियों पर संदेह जताया है। कहा कि यह मामला भाबर में अनुसूचित जाति की जमीनों के विनियम (अदला-बदली) से जुड़ा है।
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खोलकंडी निवासी विनोद सिंह राणा पुत्र स्व. रामचंद राणा एवं अन्य सह खातेदार सिद्दयेश राणा, नवीन सिंह राणा, कमलेश राणा, अकलेश सिंह, दिनेश सिंह, अमरीष सिंह राणा और नरदेव सिंह राणा ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर खोलकंडी गांव में जालसाजी से भूमि की खरीद-फरोख्त प्रकरण की जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि उनकी खोलकंडी में गोलखाते की कई नाली जमीन है। परिवार के सभी लोग देहरादून समेत अन्य शहरों में रहते हैं। गांव में विनोद की मां बचूली देवी रहती थी, जिनका निधन 21 अगस्त, 2018 को हो गया। कहा कि मां के देहांत के बाद परिजन जब गांव की जमीन का विरासतन दाखिल खारिज कराने कोटद्वार तहसील पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनकी जमीन तो दो साल पहले ही बिक चुकी है। कहा कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ लोगों ने जमीन कारोबारियों के साथ सांठगांठ कर उनकी 0.0480 हेक्टेयर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवा दी। रजिस्ट्री में उक्त भूमि तीन लाख, 46 हजार रुपये में बेचना दर्शाया गया है। रजिस्ट्री में 78 वर्षीय वृद्धा के अंगूठे के निशान दर्शाए गए हैं। उन्होंने इस मामले में क्षेत्र में सक्रिय कुछ जमीन के कारोबारियों पर संदेह जताया है। कहा कि यह मामला भाबर में अनुसूचित जाति की जमीनों के विनियम (अदला-बदली) से जुड़ा है।
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