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पूरे हिमालय का त्योहार है हरेला
Updated Tue, 07 Aug 2018 02:20 AM IST
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पूरे हिमालय का त्योहार है हरेला
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। धाद की ओर से सोमवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में संवाद आयोजित किया गया। केंद्र निदेशक और कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके जोशी ने कहा कि हरेला केवल उत्तराखंड नहीं बल्कि पूरे हिमालय का त्योहार है। नेपाल का वित्तीय वर्ष भी हरेला पर्व के अवसर से ही शुरू होता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रकृति के नवजीवन के अवसर पर मनाया जाने वाला पर्व है। पर्वतीय समाज में इसी वक्त शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। धाद की नीलम प्रभा वर्मा ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। लोक कला केंद्र की रीता भंडारी ने लोकगीतों में प्रकृति के चित्रण की विस्तार से व्याख्या की।
पुस्तकालय के कर्मचारी चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हरेला पूरी धरा को हरा भरा बनाने और सुखी देखने की कल्पना करता है। तन्मय ममगाईं ने हरेला के प्रचार प्रसार के लिए धाद की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर कल्पना बहुगुणा, मंजू काला, अपूर्व आनंद, प्रशांत, दिनेश फरस्वाण, वीरेंद्र सिंह, अनूप, मनीष, प्रदीप, संदीप, दीपक, नवीन आदि मौजूद रहे।
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राइड फॉर हरेला 12 को
धाद की ओर से 12 अगस्त को सुबह छह बजे से राइड फॉर हरेला का आयोजन किया जाएगा। युवा धाद के सचिव बीरेश ने बताया कि साइकिल रैली इंद्रमणि चौक घंटाघर से शुरू होकर राजपुर रोड स्थित र्साइं मंदिर और वहां से वापस घंटाघर तक आयोजित होगी। रैली में 16 वर्ष तक के स्कूली बच्चों की साइकिल रेस भी आयोजित की जाएगी। इसमें शामिल होने के लिए 10 अगस्त शाम आठ बजे तक पंजीकरण कराया जा सकता है। साइकिल रैली सुबह सात बजे से शुरू होगी। इसके विजेताओं को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। पंजीकरण और अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9897868450 और 7830841278 पर संपर्क कर सकते हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। धाद की ओर से सोमवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में संवाद आयोजित किया गया। केंद्र निदेशक और कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके जोशी ने कहा कि हरेला केवल उत्तराखंड नहीं बल्कि पूरे हिमालय का त्योहार है। नेपाल का वित्तीय वर्ष भी हरेला पर्व के अवसर से ही शुरू होता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रकृति के नवजीवन के अवसर पर मनाया जाने वाला पर्व है। पर्वतीय समाज में इसी वक्त शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। धाद की नीलम प्रभा वर्मा ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। लोक कला केंद्र की रीता भंडारी ने लोकगीतों में प्रकृति के चित्रण की विस्तार से व्याख्या की।
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पुस्तकालय के कर्मचारी चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हरेला पूरी धरा को हरा भरा बनाने और सुखी देखने की कल्पना करता है। तन्मय ममगाईं ने हरेला के प्रचार प्रसार के लिए धाद की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर कल्पना बहुगुणा, मंजू काला, अपूर्व आनंद, प्रशांत, दिनेश फरस्वाण, वीरेंद्र सिंह, अनूप, मनीष, प्रदीप, संदीप, दीपक, नवीन आदि मौजूद रहे।
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राइड फॉर हरेला 12 को
धाद की ओर से 12 अगस्त को सुबह छह बजे से राइड फॉर हरेला का आयोजन किया जाएगा। युवा धाद के सचिव बीरेश ने बताया कि साइकिल रैली इंद्रमणि चौक घंटाघर से शुरू होकर राजपुर रोड स्थित र्साइं मंदिर और वहां से वापस घंटाघर तक आयोजित होगी। रैली में 16 वर्ष तक के स्कूली बच्चों की साइकिल रेस भी आयोजित की जाएगी। इसमें शामिल होने के लिए 10 अगस्त शाम आठ बजे तक पंजीकरण कराया जा सकता है। साइकिल रैली सुबह सात बजे से शुरू होगी। इसके विजेताओं को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। पंजीकरण और अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9897868450 और 7830841278 पर संपर्क कर सकते हैं।