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जल्द होगी साफ पानी की आपूर्ति
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:07 PM IST
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कर्णप्रयाग। नगरवासियों को जल्द साफ पानी की आपूर्ति हो सकेगी। जलसंस्थान की मांग पर लोनिवि ने जल स्रोेत के टॉप से लाइन बिछाने के लिए रबड़ का पाइप दिया है। हालांकि इस व्यवस्था को बरसात तक वैकल्पिक तौर पर किया जा रहा है।
नगर पालिका के अपर बाजार, तहसील परिसर, अस्पताल परिसर सहित मुख्य बाजार के कुछ हिस्सो में बरसात के कारण मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति हो रही थी। लोगों की शिकायत पर अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इस पर प्रशासन, जलसंस्थान और लोनिवि ने मामले का संज्ञान लेकर जांच की तो पता चला लोनिवि की ओर से निर्माणाधीन चौंडली मोटर मार्ग का मलबा नगर को पेयजल आपूर्ति करने वाले घटगाड़ गदेरे में डंप किया गया है, जो बारिश में सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। अधिकारियों की संयुक्त जांच में निर्णय लिया गया कि यदि पेयजल स्रोत के ढाई किमी ऊपर से पानी की आपूर्ति की जाए तो मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति नहीं होगी। ढाई किमी लाइन बिछाने के लिए जलसंस्थान ने लोनिवि को आठ लाख बयासी हजार का इस्टीमेट भेजा था लेकिन लोनिवि ने पैसा न होने की बात कह पल्ला झाड़ दिया। लोनिवि ने अमर उजाला में मिट्टीयुक्त पानी की आपूर्ति की समस्या को लेकर दोबारा छपी खबर का संज्ञान लिया और मंगलवार को ढाई किमी लाइन बिछाने के लिए (अभी वैकल्पिक तौर पर) रबड़ का पाइप पेयजल स्रोत पर भिजवा दिया। जलसंस्थान के अवर अभियंता दिनेश चंद्र पुरोहित ने बताया कि लाइन जोड़ने में लोनिवि को पूरा सहयोग किया जाएगा। इधर लोनिवि के अधिशासी अभियंता केएस राणा ने बताया कि कर्णप्रयाग में मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ढाई किमी पाइप भेज दिया गया है। इसे बरसात के बाद वापस मंगाया जाएगा।
नगर पालिका के अपर बाजार, तहसील परिसर, अस्पताल परिसर सहित मुख्य बाजार के कुछ हिस्सो में बरसात के कारण मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति हो रही थी। लोगों की शिकायत पर अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इस पर प्रशासन, जलसंस्थान और लोनिवि ने मामले का संज्ञान लेकर जांच की तो पता चला लोनिवि की ओर से निर्माणाधीन चौंडली मोटर मार्ग का मलबा नगर को पेयजल आपूर्ति करने वाले घटगाड़ गदेरे में डंप किया गया है, जो बारिश में सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। अधिकारियों की संयुक्त जांच में निर्णय लिया गया कि यदि पेयजल स्रोत के ढाई किमी ऊपर से पानी की आपूर्ति की जाए तो मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति नहीं होगी। ढाई किमी लाइन बिछाने के लिए जलसंस्थान ने लोनिवि को आठ लाख बयासी हजार का इस्टीमेट भेजा था लेकिन लोनिवि ने पैसा न होने की बात कह पल्ला झाड़ दिया। लोनिवि ने अमर उजाला में मिट्टीयुक्त पानी की आपूर्ति की समस्या को लेकर दोबारा छपी खबर का संज्ञान लिया और मंगलवार को ढाई किमी लाइन बिछाने के लिए (अभी वैकल्पिक तौर पर) रबड़ का पाइप पेयजल स्रोत पर भिजवा दिया। जलसंस्थान के अवर अभियंता दिनेश चंद्र पुरोहित ने बताया कि लाइन जोड़ने में लोनिवि को पूरा सहयोग किया जाएगा। इधर लोनिवि के अधिशासी अभियंता केएस राणा ने बताया कि कर्णप्रयाग में मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ढाई किमी पाइप भेज दिया गया है। इसे बरसात के बाद वापस मंगाया जाएगा।
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