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पीआर एजेंसी के हाथ में मीडिया प्रबंधन
देहरादून/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 17 Jul 2013 03:53 PM IST
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भई उत्तराखंड में राज करने में कांग्रेस भले ही औंधे मुंह गिरी हो लेकिन अपनी छवि को अभी भी साफ सुथरा एकदम क्लीन शेव चमकाने में पीछे नहीं रहना चाहती।
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तभी तो सरकार को अपने भारी भरकम सूचना विभाग के आला अधिकारियों की सरकारी कार्यप्रणाली पर अब जरा भी भरोसा नहीं रह गया है।
आपदा से टूट चुकी बहुगुणा सरकार ने राहत पंहुचाने में जितनी देर की उतनी ही जल्दी बाजार में अपने अधकचरे कामों का ढिढोंरा पिटवा दिया और वह भी निकला अधकचरा। बस फिर क्या था हो गया पूरा सूचना विभाग तलब और बना दिया पंगु।
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दरअसल आपदा में सहयोग मांगने के लिए छपे विज्ञापन में सीएम और सोनिया का मुस्कुराता चेहरा क्या छप गया, सरकार का मीडिया प्रबंधन सूचना विभाग से हटा कर एक पीआर एजेंसी के हवाले कर दिया गया है।
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सूचना अधिकारी दिनभर सरकारी बैठकों की जो कवरेज तैयार करते-कराते हैं, उसकी पूरी रिपोर्ट संबंधित एजेंसी को उन्हें भेजना पड़ता है। एजेंसी मैटर पास करेगी, तभी रिलीज होगा।
यही स्थिति विज्ञापनों की भी हो गई है। खासकर डिस्प्ले एड। एजेंसी के मीडिया मैनेजरों की राय लेने के बाद ही विज्ञापन प्रकाशित होने के लिए भेजा जा रहा है।
अब अखबारों को विज्ञापन के नाम पर आंखे तरेरने वाले सूचना विभाग के अधिकारी ना ढंग से खुजा पा रहे हैं न अपने दांत निपोड़ पा रहे हैं। सजा भी ऐसी मिली है कि पूरी मेहनत के बाद अप्रूवल के लिए एजेंसी की दौड़ लगानी पड़ रही है।