{"_id":"5921e6344f1c1b2d2c535b34","slug":"lock-in-shivali-chc-delivery-in-van","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवली सीएचसी में ताला, वैन में हुआ प्रसव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शिवली सीएचसी में ताला, वैन में हुआ प्रसव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 May 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
वैन में प्रसव के बाद जच्चा बच्चा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवली(कानपुर देहात)।
ककवन सीएचसी की घटना के बाद भी डाक्टरों की मनमानी जारी है। रविवार को शिवली सामुदायिक केंद्र पर प्रसव को आई एक प्रसूता घंटो तड़पती रही। अस्पताल में ताला लगे होने के कारण प्रसूता ने गाड़ी में ही बच्ची को जन्म दिया। डाक्टर के न होने से निराश परिजन जच्चा व बच्चा को लेकर निजी चिकित्सक के पास ले गए।
शिवली कस्बे के रामपुर गांव निवासी सिंपल पत्नी हरिश्चंद्र गांव को लेकर आशा मनीषा देवी निजी वैन से शनिवार की देररात दो बजे मैथा पीएचसी के मैटरनिटी सेंटर पहुंची। पति हरिश्चंद्र का आरोप है कि मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स ने पहले प्रसव कराने के लिए कहा लेकिन बाद में मना कर दिया। काफी गिड़गिड़ाने पर स्टाफ नर्स ने अभद्रता कर दी। निराश हरिश्चंद्र रविवार की भोर करीब पांच बजे शिवली सीएचसी पहुंचा। अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला जड़ा था।
प्रसूता सिंपल करीब एक घंटे तक दर्द से तड़पती रही। इस बीच अस्पताल गेट पर ही सिंपल ने बच्ची को जन्म दिया। आशा बहू मनीषा देवी व परिजनों ने सिंपल को संभालते हुए निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
विज्ञापन
अस्पताल परिसर में आवास से आए आयुर्वेद डाक्टर सैय्यद शमशाद अली व फार्मासिस्ट रामेंद्र ने बताया कि सीएचसी में तीन स्टाफ नर्स रेनू पाल, रश्मि मैसी, पूनम तिवारी की तैनाती है। कोई भी मौके पर मौजूद नहीं था। डा. राजकुमार की रात में ड्यूटी थी, वह भी अस्पताल में नहीं मिले। नुपस्थित होने की बात पूछने पर आकस्मिक ड्यूटी पर होने की बात कही।
लेकिन दूसरे डाक्टर के ना आने की बात पर कोई नहीं बोला। ड्यूटी पर सुबह 8 बजे पहुंची डा. पूनम मौर्या ने बताया कि उनके आने के पहले प्रसव के लिए आए थे। उनके सामने कोई नहीं आया है। अस्पताल में तीन महिला चिकित्सक सहित सात डाक्टरों की तैनाती है। वहीं, फोन पर सीएचसी प्रभारी अमित सिंह से संपर्क किया गया तो उनका मोबाइल बंद रहा।
विधायक ने लगवाया था सीएचसी पर ताला
शिवली। स्थानीय विधायक प्रतिभा शुक्ला ने नौ अप्रैल को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। अस्पताल में कोई मौजूद नहीं मिला था। विधायक का पारा गर्म हो गया था। उन्होेंने एसडीएम मैथा बृजेंद्र कुमार को मौके पर बुलाकर अस्पताल में ताला बंद करवा दिया था।
एसडीएम कई दिनों तक छापामारी करते रहे थे। मामले की रिपोेर्ट उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई थी। लेकिन डाक्टरों व कर्मचारियों पर लगाम नहीं लग पाई।
- कई बार अस्पताल में छापामारी की गई। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजी गई है। अस्पताल के गेट पर बच्चा के जन्म लेने की बात पता चली है। यह बहुत ही लापरवाही पूर्ण है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बृजेंद्र कुमार (एसडीएम मैथा तहसील)
-शिवली वाली घटना में एमओआईसी की प्रथम दृष्टया लापरपाही है। जब यहां पर 3 महिला चिकित्सक हैं तो रात में उनकी डयूटी सुनिश्चित क्यों नहंी की गई। इसपर उनसे जवाब तलब किया जा रहा है। सीएचसी एवं पीएचसी के प्रभारियाें की समीक्षा की जाएगी, लापरवाहों को हटाया जाएगा।
डा. अनीता सिंह, सीएमओ कानपुर देहात।
विज्ञापन
ककवन सीएचसी की घटना के बाद भी डाक्टरों की मनमानी जारी है। रविवार को शिवली सामुदायिक केंद्र पर प्रसव को आई एक प्रसूता घंटो तड़पती रही। अस्पताल में ताला लगे होने के कारण प्रसूता ने गाड़ी में ही बच्ची को जन्म दिया। डाक्टर के न होने से निराश परिजन जच्चा व बच्चा को लेकर निजी चिकित्सक के पास ले गए।
शिवली कस्बे के रामपुर गांव निवासी सिंपल पत्नी हरिश्चंद्र गांव को लेकर आशा मनीषा देवी निजी वैन से शनिवार की देररात दो बजे मैथा पीएचसी के मैटरनिटी सेंटर पहुंची। पति हरिश्चंद्र का आरोप है कि मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स ने पहले प्रसव कराने के लिए कहा लेकिन बाद में मना कर दिया। काफी गिड़गिड़ाने पर स्टाफ नर्स ने अभद्रता कर दी। निराश हरिश्चंद्र रविवार की भोर करीब पांच बजे शिवली सीएचसी पहुंचा। अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला जड़ा था।
विज्ञापन
प्रसूता सिंपल करीब एक घंटे तक दर्द से तड़पती रही। इस बीच अस्पताल गेट पर ही सिंपल ने बच्ची को जन्म दिया। आशा बहू मनीषा देवी व परिजनों ने सिंपल को संभालते हुए निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
विज्ञापन
अस्पताल परिसर में आवास से आए आयुर्वेद डाक्टर सैय्यद शमशाद अली व फार्मासिस्ट रामेंद्र ने बताया कि सीएचसी में तीन स्टाफ नर्स रेनू पाल, रश्मि मैसी, पूनम तिवारी की तैनाती है। कोई भी मौके पर मौजूद नहीं था। डा. राजकुमार की रात में ड्यूटी थी, वह भी अस्पताल में नहीं मिले। नुपस्थित होने की बात पूछने पर आकस्मिक ड्यूटी पर होने की बात कही।
लेकिन दूसरे डाक्टर के ना आने की बात पर कोई नहीं बोला। ड्यूटी पर सुबह 8 बजे पहुंची डा. पूनम मौर्या ने बताया कि उनके आने के पहले प्रसव के लिए आए थे। उनके सामने कोई नहीं आया है। अस्पताल में तीन महिला चिकित्सक सहित सात डाक्टरों की तैनाती है। वहीं, फोन पर सीएचसी प्रभारी अमित सिंह से संपर्क किया गया तो उनका मोबाइल बंद रहा।
विधायक ने लगवाया था सीएचसी पर ताला
शिवली। स्थानीय विधायक प्रतिभा शुक्ला ने नौ अप्रैल को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। अस्पताल में कोई मौजूद नहीं मिला था। विधायक का पारा गर्म हो गया था। उन्होेंने एसडीएम मैथा बृजेंद्र कुमार को मौके पर बुलाकर अस्पताल में ताला बंद करवा दिया था।
एसडीएम कई दिनों तक छापामारी करते रहे थे। मामले की रिपोेर्ट उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई थी। लेकिन डाक्टरों व कर्मचारियों पर लगाम नहीं लग पाई।
- कई बार अस्पताल में छापामारी की गई। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजी गई है। अस्पताल के गेट पर बच्चा के जन्म लेने की बात पता चली है। यह बहुत ही लापरवाही पूर्ण है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बृजेंद्र कुमार (एसडीएम मैथा तहसील)
-शिवली वाली घटना में एमओआईसी की प्रथम दृष्टया लापरपाही है। जब यहां पर 3 महिला चिकित्सक हैं तो रात में उनकी डयूटी सुनिश्चित क्यों नहंी की गई। इसपर उनसे जवाब तलब किया जा रहा है। सीएचसी एवं पीएचसी के प्रभारियाें की समीक्षा की जाएगी, लापरवाहों को हटाया जाएगा।
डा. अनीता सिंह, सीएमओ कानपुर देहात।