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एडीओ के परिवार का पलायन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Apr 2017 01:11 AM IST
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बिजनौर के नांगलसोती में धमकी भरा पत्र भेजकर 15 लाख रुपये रंगदारी मांगे जाने से डरे-सहमे एडीओ कृषि का परिवार नांगल से पलायन कर गया। धमकी के तीन सप्ताह बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है।
नजीबाबाद में तैनात सहायक विकास अधिकारी (कृषि) विक्रम सिंह को एक अप्रैल को धमकी भरा पत्र मिला था। पत्र में 20 अप्रैल 2017 तक 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी न देने पर एडीओ के दोनों पुत्रों को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
विक्रम सिंह ने धमकी के संबंध में तहरीर नांगल पुलिस को सौंपी थी। सीओ रामानंद कुुशवाहा के निर्देश पर आईपीसी की धारा 386 के तहत अज्ञात में रिपोर्ट तो दर्ज की गई, मगर तीन सप्ताह बाद भी पुलिस पत्र भेजने वाले तक नहीं पहुंच सकी।
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उधर, एडीओ का परिवार दहशत में जी रहा था। रविवार को एडीओ का परिवार नांगल से अन्यत्र पलायन कर गया। एडीओ व उनके परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। एडीओ का परिवार बीते ढाई दशक से नांगलसोती के मोहल्ला टंकीवाला में कृषि विभाग के सरकारी आवास में रह रहा था।
इस संबंध में सीओ रामानंद कुशवाहा का कहना है कि एडीओ के परिवार को सुरक्षा दी गई थी। इलाके में रात्रि गश्त भी बढ़ाई गई थी। पुलिस धमकी भरा पत्र भेजने वाले की तलाश में जुटी है।
एडीओ के परिजनों का नांगल से चले जाना उनका निजी फैसला है। उधर, बीडीओ एके उपाध्याय ने बताया कि एडीओ कृषि ने तहसील परिसर में क्वार्टर की मांग की थी। उनको धमकी भरा पत्र मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए क्वार्टर दिया गया है।
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नजीबाबाद में तैनात सहायक विकास अधिकारी (कृषि) विक्रम सिंह को एक अप्रैल को धमकी भरा पत्र मिला था। पत्र में 20 अप्रैल 2017 तक 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी न देने पर एडीओ के दोनों पुत्रों को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
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विक्रम सिंह ने धमकी के संबंध में तहरीर नांगल पुलिस को सौंपी थी। सीओ रामानंद कुुशवाहा के निर्देश पर आईपीसी की धारा 386 के तहत अज्ञात में रिपोर्ट तो दर्ज की गई, मगर तीन सप्ताह बाद भी पुलिस पत्र भेजने वाले तक नहीं पहुंच सकी।
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उधर, एडीओ का परिवार दहशत में जी रहा था। रविवार को एडीओ का परिवार नांगल से अन्यत्र पलायन कर गया। एडीओ व उनके परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। एडीओ का परिवार बीते ढाई दशक से नांगलसोती के मोहल्ला टंकीवाला में कृषि विभाग के सरकारी आवास में रह रहा था।
इस संबंध में सीओ रामानंद कुशवाहा का कहना है कि एडीओ के परिवार को सुरक्षा दी गई थी। इलाके में रात्रि गश्त भी बढ़ाई गई थी। पुलिस धमकी भरा पत्र भेजने वाले की तलाश में जुटी है।
एडीओ के परिजनों का नांगल से चले जाना उनका निजी फैसला है। उधर, बीडीओ एके उपाध्याय ने बताया कि एडीओ कृषि ने तहसील परिसर में क्वार्टर की मांग की थी। उनको धमकी भरा पत्र मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए क्वार्टर दिया गया है।