'जय श्रीराम' वाली पर्ची से वायरल हुए रघु शर्मा कौन हैं?: 15 साल बाद पूरा हुआ सपना; पढ़ें उनके संघर्ष की कहानी
रघु शर्मा की कहानी संघर्ष, धैर्य और विश्वास की मिसाल है। पंजाब के जालंधर से निकले इस लेग स्पिनर ने कोचिंग भी की, नेट गेंदबाज भी रहे और 33 साल की उम्र में मुंबई इंडियंस से आईपीएल डेब्यू किया। 15 साल की मेहनत के बाद मिला यह मौका अब चर्चा में है।
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विकेट के बाद उन्होंने एक पर्ची कैमरे की तरफ दिखाई, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। उस पर्ची पर लिखा था, 'राधे राधे। बेहद दर्दभरे 15 साल आज गुरुदेव की कृपा से खत्म हुए। मुझे यह मौका देने के लिए मुंबई इंडियंस (ब्लू एंड गोल्ड) का धन्यवाद। सदा आभारी। जय श्री राम।' यह सिर्फ एक जश्न नहीं था, बल्कि 15 साल के इंतजार की कहानी थी।
#RaghuSharma makes a statement with that wicket 🔥
— Star Sports (@StarSportsIndia) May 4, 2026
Years of hard work and belief are finally paying off. 💙🙌🏻#TATAIPL Revenge Week 2026 ➡️ #MIvLSG | LIVE NOW 👉https://t.co/hc4PVkY1Pc pic.twitter.com/QFbQB1OeRg
रघु शर्मा का जन्म 1993 में पंजाब के जालंधर में हुआ। वह पेशे से लेग ब्रेक गेंदबाज हैं और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी भी कर लेते हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने गंभीरता से क्रिकेट खेलना 18 साल की उम्र के बाद शुरू किया। शुरुआत में वह तेज गेंदबाज थे, लेकिन हैमस्ट्रिंग चोट के बाद उन्हें अपना खेल बदलना पड़ा। इसके बाद उन्होंने लेग स्पिन अपनाई। रघु ने एक बार ईएसपीएन क्रिकइनफो को बताया था, 'मैंने लेग स्पिन शेन वॉर्न के वीडियो देखकर सीखी। मैं उनके वीडियो बार-बार देखता था और नेट्स में वैसा करने की कोशिश करता था।'
रघु का सफर आसान नहीं था। घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें लगातार मौके नहीं मिले। बाद में उन्होंने पुडुचेरी का भी प्रतिनिधित्व किया, लेकिन वहां भी करियर पटरी पर नहीं आया। रघु ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'जब मैं 25 साल का था, तब मुझसे कहा गया कि अब बहुत देर हो चुकी है।' लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
कोचिंग भी की, फिर खिलाड़ी बनकर लौटे
जब मौके कम हुए, तो रघु शर्मा क्रिकेट अकादमी ऑफ पठांस (CAP) से जुड़ गए। यहां वह गेंदबाजी कोच रहे और युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देते थे। इरफान पठान ने रघु के आईपीएल डेब्यू पर लिखा था, 'रघु शर्मा 2019 से 2022 तक क्रिकेट अकादमी ऑफ पठांस में गेंदबाजी कोच रहे। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को बहुत कुछ सिखाया। मुझे गर्व है कि सीएपी से जुड़ा खिलाड़ी अब बड़े स्तर पर खेल रहा है।' कोचिंग करने के बाद खिलाड़ी के रूप में वापसी करना बेहद दुर्लभ माना जाता है, लेकिन रघु ने यह कर दिखाया।
Wishing Raghu Sharma all the luck for his first game.
— Irfan Pathan (@IrfanPathan) May 2, 2026
Raghu was associated with our CAP academy in Jaipur as bowling coach from Oct 2019 to 2021, mentoring our young cricketers with dedication.
Proud to see CAP talent grow and contribute at the highest level.
Congratulations to Raghu Sharma on making his IPL debut for Mumbai Indians.
— Yusuf Pathan (@iamyusufpathan) May 2, 2026
Raghu was part with our CAP Jaipur centre as bowling coach from Oct 2019 to 2021, mentoring our young cricketers with dedication.
Good to see his hard work taking him to this stage. Wishing him all the…
रघु ने 2022 में श्रीलंका जाकर गाले क्रिकेट क्लब के लिए खेला। इसके बाद 2023 में इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेली। वहीं उनकी मुलाकात दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज स्पिनर इमरान ताहिर से हुई। ताहिर की सलाह ने रघु की गेंदबाजी में निखार ला दिया। उन्होंने अपनी लाइन-लेंथ, वेरिएशन और बॉल कंट्रोल पर काम किया।
मुंबई इंडियंस ने दिया दूसरा मौका
रघु शर्मा 2015 में मुंबई इंडियंस के नेट गेंदबाज थे, लेकिन तब टीम में जगह नहीं मिली। वर्षों बाद किस्मत ने फिर दरवाजा खटखटाया। आईपीएल 2025 में विग्नेश पुथुर चोटिल हुए, तो रघु को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर मुंबई इंडियंस ने जोड़ा। आईपीएल 2026 में फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन किया और आखिरकार डेब्यू का मौका मिला। यानी जिस टीम में कभी वह नेट गेंदबाज थे, उसी टीम से उन्होंने आईपीएल डेब्यू किया।
लखनऊ सुपर जाएट्स के खिलाफ मुकाबले में रघु शर्मा ने अक्षत रघुवंशी को आउट कर आईपीएल का पहला विकेट लिया। आंकड़ों में उनका प्रदर्शन चार ओवर में एक विकेट देकर 36 रन था, लेकिन उस विकेट की कीमत बहुत बड़ी थी। यह विकेट सिर्फ बल्लेबाज का नहीं, बल्कि संघर्ष, असफलता और इंतजार का विकेट था।
घरेलू क्रिकेट में दमदार रिकॉर्ड
रघु शर्मा का घरेलू रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 12 मैचों में 57 विकेट लिए हैं। इस दौरान उनका औसत 22.03 का रहा है। उन्होंने पांच बार पारी में पांच विकेट लिए हैं और तीन बार मैच में 10 विकेट लिए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि प्रतिभा हमेशा मौजूद थी, बस मंच मिलने की देर थी।
रघु शर्मा की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने उम्र, असफलता और सिस्टम की बंदिशों को हराया। जब लोग उन्हें खत्म मान चुके थे, तब उन्होंने खुद को दोबारा बनाया। उन्होंने कहा था, 'भगवान सब देखता है। अगर आप अनुशासन से मेहनत करते हैं तो उसका फल जरूर मिलता है। मैंने अपनी असफलताओं का भी आनंद लिया।'
प्रेरणा की मिसाल
आज रघु शर्मा सिर्फ मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी नहीं, बल्कि उन हजारों खिलाड़ियों की उम्मीद हैं जिन्हें लगता है कि उम्र निकल गई, मौका खत्म हो गया या रास्ता बंद हो गया। रघु की कहानी बताती है कि अगर विश्वास बचा है, तो खेल अभी बाकी है।