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40 साल पहले आस्ट्रेलिय में भारत ने की थी वापसी
Mon, 21 Dec 2020 07:39 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 21 Dec 2020 07:39 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Twitter
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टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम स्कोर पर आउट होने का अनचाहा रिकार्ड भले विराट कोहली की टीम के नाम चढ़ गया हो, लेकिन पितृत्व अवकाश पर घर लौट रहे भारतीय कप्तान को पूरा विश्वास है कि टीम इंडिया मेलबर्न में उनकी गैरमौजूदगी में वापसी करेगी।
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विराट यूं ही नहीं बोल रहे हैं टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 1980-81 में वापसी का कारनामा दिखा चुकी है। 1980-81 में सुनील गावस्कर की कप्तानी में कपिल देव ने अपनी गेंदबाजी से पहला टेस्ट हारने के बाद टीम इंडिया को श्रृंखला में वापसी करा 1-1 की बराबरी कराई थी, जबकि 2003--04 में भारत की 1-0 की बढ़त के बाद श्रृंखला 1-1 की बराबरी पर छूटी थी।
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ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टीम इंडिया का रिकार्ड कोई खासा अच्छा नहीं है। 2018-19 की श्रृंखला को छोड़ भारत आज तक इस देश में कभी टेस्ट श्रृंखला नहीं जीत पाया है। 1980 और 2003 के अलावा सिर्फ 1977-78 की टेस्ट श्रृंखला में 0-2 से पिछडने के बाद भारत ने अगले दो टेस्ट जीतकर 2-2 की बराबरी की, लेकिन पांचवें और अंतिम टेस्ट में भारत हारकर श्रृंखला 2-3 से गंवा बैठा।
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उस दौरान टीम के कप्तान बिशन सिंह बेदी थे और कैरी पैकर प्रकरण से जूझ रही कमजोर ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी बूढ़े बॉबी सिंपसन को सौंपी गई थी। बावजूद इसके भारत के हिस्से में हार आई थी।
भारत ने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 12 टेस्ट श्रृंखलाए खेली हैं। इनमें से तीन बराबरी पर छूटी हैं, एक में जीत मिली है और आठ में उसके हिस्से में हार आई है। कपिल देव की कप्तानी में 1985-86 में भारत ने
एलन बॉर्डर की टीम को 0-0 की बराबरी पर रोका था।
लाल गेंद से वापसी करेंगे भारतीय बल्लेबाज
एडीलेड में 36 रन पर आउट होने से पहले सबसे कम टेस्ट स्कोर का रिकार्ड 1974 में इंग्लैंड की गर्मियों में लॉड्र्स टेस्ट में बना था। जहां भारत ज्योफ आर्नोल्ड और क्रिस ओल्ड की गेंदबाजी के बाद 42 पर सिमट गया था।
इस टीम के सदस्य मदन लाल मानते हैं कि आगे श्रृंखला में गुलाबी की जगह लाल गेंद प्रयोग होगी। इस गेंद का गुलाबी गेंद जैसा व्यवहार नहीं होगा। गुलाबी गेंद में लाल के मुकाबले ज्यादा उछाल रहता है और स्विंग भी ज्यादा करती है।
रही बात आगे की तो 36 रन पर आउट होने के बाद सब कुछ खत्म नहीं हो गया है। विराट कोहली को पहले टेस्ट के बाद जाना है यह पूरी टीम को पहले से मालूम है। क्रिकेट ऐसा खेल नहीं है कि एक बल्लेबाजी से टीम चलेगी या फिर एक गेंदबाज पर सारा भार होगा। सभी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अच्छा करना होगा।
मदन लाल का मानना है कि अब यह जरूर है कि ऑस्टे्रुलया 1-0 से श्रृंखला में आगे है। अब आगे आने वाले तीन टेस्ट मैचों में विकेट अलग मिलेगा और उसका मिजाज भी अलग होगा।
जाहिर है कंगारू जैसे खेलते हैं वे दूसरे टेस्ट में भी टीम इंडिया को चारो खाने चित करने की कोशिश करेंगे और बढ़त को मजबूत करना चाहेंगे। लेकिन उन्हें लगता है कि दूसरा टेस्ट मैच श्रृंखला का सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट मैच होने जा रहा है और टीम इंडिया जरूर इसमें वापसी करेगी।